फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'बेखबर सोए हैं वो लूट के नींदें मेरी' से 'मुंबई शहर मेरी माशूका' तक, ऋषि कपूर की फिल्मों के 10 सबसे चर्चित डायलॉग्स

Thu, 30 Apr 2020 12:52 PM IST
शिप्रा सक्सेना एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 11
Rishi Kapoor - फोटो : Amar Ujala
सिनेमाजगत में बतौर मुख्य अभिनेता 'बॉबी' फिल्म से करियर की शुरुआत करने वाले ऋषि कपूर को आज हर कोई नम आंखों से अलविदा कह रहा है। 47 साल तक फिल्म इंडस्ट्री में ऋषि कपूर ने राज किया और हर किरदार में लोगों का दिल जीता। खास बात है इतने लंबे सफर में ऋषि ने न केवल अपनी अदाकारी से लोगों को इंप्रेस किया बल्कि उनकी फिल्म के डायलॉग भी लोगों की जुबान पर ऐसे चढ़े कि आज भी लोग दोहराते हुए नजर आते हैं। आगे की स्लाइड में देखिए ऋषि कपूर की फिल्मों के मशहूर डायलॉग्स...
 
.
विज्ञापन

2 of 11
Laila Majnu - फोटो : file photo
ऋषि कपूर की फिल्म 'लैला मजनू' 1979 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में ऋषि के कई डायलॉग फेमस हुए थे। उनमें से एक सबसे ज्यादा चर्चा में जो रहा वो है..
'संगमरमर से तराशा हुआ ये शोख बदन। इतना दिलकश है कि जी चाहता है..सुर्ख होठों में तरखती है वो रंगीन शराब, जिसको पी पीके बहक जाने को जी चाहता है। नरम सीने में धड़कते हैं वो नाजुक तूफान, जिनकी लहरों में उतर जाने को जी चाहता है। तुमसे क्या रिश्ता है कब से है ये मालूम नहीं, लेकिन इस हुस्न पर मर जाने को जी चाहता है। हमसे बेहतर है ये पाजेब जो इस पैर में है, इसी पाजेब में ढल जाने को जी चाहता है। रखले कल के ले ये दूसरी पाजेब-ए-दिल, कल इसी में फिर आने को जी चाहता है।'
विज्ञापन

3 of 11
Laila Majnu - फोटो : file photo
'लैला मजनू' का एक और डायलॉग है जो चर्चा में रहा। ये डायलॉग है..
'बेखबर सोए हैं वो लूट के नींदें मेरी, जज्बा-ए-दिल पे तरस खाने को जी चाहता है। कबसे खामोश हुए जो जाने जहां कुछ बोलो..क्या अभी और सितम ढाने को जी चाहता है।'

4 of 11
Laila Majnu - फोटो : file photo
'लैला मजनू' का एक और डायलॉग है..
'दुनिया के सितम याद, ना अपनी ही वफा याद....अब कुछ भी नहीं मुझको मोहब्बत के सिवा याद...'
विज्ञापन

5 of 11
Damini - फोटो : twitter
ऋषि कपूर और मीनाक्षी की फिल्म 'दामिनी' सुपरहिट हुई थी। इस फिल्म में ऋषि कपूर का डायलॉग मशहूर हुआ था।
'जी करता है...तुम्हारी हर ख्वाहिश, हर इच्छा को अपना मकसद बनाना।'
विज्ञापन

6 of 11
Prem Rog, Rishi Kapoor - फोटो : file photo
पद्मिनी कोल्हापुरी और ऋषि कपूर की फिल्म 'प्रेम रोग' थी। इस फिल्म के गाने के अलावा डायलॉग भी हिट हुए। ऋषि कपूर का इस फिल्म में ये डायलॉग चर्चा में रहा..
'सभी इंसान एक जैसे ही तो होते हैं। वही दो हाथ, दो पैर, आंखें, कान, चेहरा...सबके एक जैसे ही तो होते हैं...फिर क्यों कोई एक, सिर्फ एक ऐसा होता है जो इतना प्यारा लगने लगता है कि अगर उसके लिए जान भी देनी पड़े तो हंसते हुए दी भी जा सकती है।'
विज्ञापन

7 of 11
deewana - फोटो : file photo
'दीवाना' फिल्म में ऋषि कपूर के अलावा शाहरुख खान और दिव्या भारती थे। इस फिल्म का जो डायलॉग मशहूर हुआ था वो है...
'मोहब्बत रीति रिवाज नहीं मानती..और ना ही वो लफ्जों की मोहताज है..'

8 of 11
D Day - फोटो : file photo
'डी डे' फिल्म साल 2013 में आई थी। इस फिल्म में ऋषि कपूर के साथ इरफान खान भी थे। इस फिल्म का एक डायलॉग बहुत मशहूर हुआ था। 
'ये मुल्क तो मेरी मां है...और मुंबई शहर मेरी माशूका'

9 of 11
Love Aaj Kal - फोटो : Social Media
साल 2009 में आई 'लव आजकल' फिल्म में भी ऋषि कपूर के एक डायलॉग ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। 
'जाने से पहले, एक आखिरी बार मिलना क्यों जरूरी होता है?'

10 of 11
aurangzeb film - फोटो : file photo
'औरंगजेब' फिल्म का डायलॉग भी काफी मशहूर हुआ था। ये डायलॉग था...
'बेहिसाब पॉवर ये बेशुमार पैसा..इन दोनों में से मुझे एक तो चाहिए'
विज्ञापन

11 of 11
Fanaa film - फोटो : twitter
'फना' फिल्म का एक डायलॉग है..
'शराब पीने दे मस्जिद में बैठकर गालिब...या वो जगह दिखा दे जहां खुदा ना हो..'

Rishi Kapoor Death: शोक में डूबा बॉलीवुड, अमिताभ बच्चन से लेकर लता मंगेशकर ने दी ऐसे श्रद्धांजलि
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें