फिल्म के इस सीन पर सेंसर बोर्ड ने कैंची चलाने की कोशिश की। ये मामला कोर्ट तक पहुंच गया और कोर्ट ने खोसला कमिटी बनाई। कमिटी ने जांच के बाद कहा था, 'किस सीन दो लोगों का पर्सनल मामला है। अगर उन दोनों को इसमें कोई आपत्ति नहीं है तो किसी तीसरे को भी नहीं होनी चाहिए।'