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Agnipath Recruitment Scheme: अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होना चाहती हैं इस एक्टर की बेटी, पिता ने शेयर की पोस्ट

Sun, 19 Jun 2022 11:03 AM IST
निधि पाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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रवि किशन, इशिता शुक्ला - फोटो : सोशल मीडिया
हाल ही में केन्द्र की मोदी सरकार ने एक नई योजना का एलान किया है, जिसका नाम है 'अग्निपथ'। इस योजना के तहत देश के युवा चार साल तक भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे सकेंगे। सरकार ने इस योजना का एलान क्या किया कि देशभर में बवाल मचा हुआ है। बहुत से लोग इसके आने से खुश हैं तो वहीं कई लोग ऐसे भी हैं जो इस योजना का कड़ा विरोध जता रहे हैं। बिहार से हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी इसको लेकर खूब बवाल चल रहा है। बिहार में तो इस योजना का इस कदर विरोध हो रहा है कि लोगों ने ट्रेनें तक फूंक दी हैं। दूसरी ओर भाजपा के सांसद और भोजपुरी स्टार रवि किशन की लाडली 'अग्निपथ' योजना के तहत सेना में भर्ती होना चाहती हैं।
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रवि किशन - फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल रवि किशन ने अग्निपथ योजना के सपोर्ट में एक ट्वीट किया। उन्होंने ट्विटर पर अपनी बेटी इशिता की एनसीसी की यूनीफॉर्म पहने हुए एक तस्वीर पोस्ट की। उन्होंने लिखा- 'मेरी बिटिया इशिता शुक्ला, आज सुबह बोली पापा मैं अग्निपथ स्कीम का हिस्सा बनना चाहती हूं। मैंने कहा जाओ बेटा आगे बढ़ो'। रवि किशन की इस पोस्ट पर लोगों के जमकर रिएक्शन आ रहे हैं। कोई इसे अच्छा बता रहा है तो कोई कह रहा है सब बकवास है।
 
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रवि किशन की बेटी इशिता शुक्ला - फोटो : सोशल मीडिया
इस पोस्ट के बाद कई यूजर्स ने रवि किशन को जमकर ट्रोल करना शुरू कर दिया है। एक शख्स ने लिखा- सरकारी नौकरी गांव वालों का सहारा है, ऐसे में रवि किशन का अपनी बेटी को इस जॉब में भेजना गलत है। वहीं एक यूजर ने उन्हें इतनी चापलूसी न करने की सलाह दे डाली। दूसरे शख्स के कहा- बिटिया को रिटायरमेंट की चिंता नहीं है...बाप के पास बहुत पैसा है। 
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सेना के जवान, अग्निपथ योजना का विरोध - फोटो : सोशल मीडिया
अग्निपथ योजना की बात करें तो केंद्र सरकार ने वर्षों पुरानी अग्निपथ योजना के तहत बड़े बदलाव किए हैं। इस योजना के तहत थलसेना, जलसेना और वायुसेना में चार साल के लिए सैनिकों की भर्ती की जाएगी। उसके बाद 75 फीसदी जवानों को घर भेज दिया जाएगा और बाकी जवान सेना के स्थाई पद पर नियुक्त होगे। जिसके बाद सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक इस योजना के खिलाफ खूब विरोध जताया जा रहा है। 
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