फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ranveer Singh Interview: मुझे चार्ली चैपलिन से मिली जयेशभाई जोरदार का किरदार करने की प्रेरणा: रणवीर सिंह

Sun, 15 May 2022 01:06 PM IST
पलक शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
विज्ञापन
1 of 8
रणवीर सिंह - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

फिल्म 'जयेशभाई जोरदार' में रणवीर सिंह एक बेटी के पिता बने हैं जो पत्नी के गर्भ में पल रही दूसरी बेटी को बचाने के लिए परिवार से बगावत कर देता है। लीक से हटकर किरदार करते रहने को ही अपनी पहचान बना चुके रणवीर सिंह से उनके अब तक के सफर और आने वाली फिल्मों पर एक खास बातचीत।

विज्ञापन

2 of 8
रणवीर सिंह - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

आप अपनी मां और पत्नी की खूब तारीफें करते रहते हैं। और ऐसी कौन सी महिलाएं हैं जिन्होंने आपकी प्रभावित किया है?

मेरी नानी। और मेरी बहन जो मुझसे दो साल बड़ी हैं। मेरी बड़ी बहन मेरी दूसरी मां की ही तरह हैं। बचपन से लेकर आज तक उनका साथ रहा है। उनकी एनर्जी हमेशा मेरे आस पास रही है। मेरी टीम में भी बहुत सारी महिलाएं हैं। उनकी वजह से जो मैं करना चाह रहा था कर पा रहा हूं। जिनकी वजह से मैं आज यहां तक पहुंचा हूं उन सब महिलाओं का सम्मान मैं अपनी नई फिल्म ‘जयेशभाई जोरदार’ से कर पाया हूं।

विज्ञापन

3 of 8
रणवीर सिंह - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

विज्ञापनों के आंकड़ों के हिसाब से आप हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े ब्रांड हैं। इसका श्रेय आप किसे देते हैं?

मेरी तो शुरुआत ही विज्ञापन फिल्मों से हुई है। अदाकारी से पहले मैं कॉपी राइटर ही हुआ करता था। आज भी विज्ञापनों को ही मैं पहली प्राथमिकता देता हूं। मैंने बहुत सारे कलाकरों को देखा है जो विज्ञापनों में सौ फीसदी मेहनत नहीं करते। वह विज्ञापन को बस विज्ञापन की तरह देखते हैं। लेकिन, मेरे लिए विज्ञापन 15 सेकंड की एक फिल्म होती है जिसे पूरी दुनिया देखती है। चाहे फिल्में हों या विज्ञापन फिल्में, मुझे कोई काम आधे मन से करना आता ही नहीं है।

4 of 8
जयेशभाई जोरदार - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

और, बॉक्स ऑफिस के आंकड़े?
मेरे लिए ये बहुत मायने रखते हैं। अगर आपकी फिल्में चलेंगी तो ही आपको फिल्म मिलेगी और विज्ञापन फिल्में मिलेंगी। शुक्र है कि मेरी फिल्में चल रही हैं। तमाम सारे विज्ञापन आ रहे हैं। फिर सवाल यह उठता है कि जो विज्ञापन फिल्मों में काम करने के मौके मेरे पास आए उनका मैंने किया क्या? जवाब ये है कि उसमें अपना योगदान देकर मैंने ये सारे विज्ञापन अपने हिसाब से खुद डिजाइन किए हैं। अब तो मैं इतने सारे विज्ञापन कर चुका हूं कि मेरे हिसाब से लोग मुझे इन विज्ञापन फिल्मों की वजह से ही पसंद करते हैं। 

विज्ञापन

5 of 8
जयेशभाई जोरदार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

दक्षिण भारतीय फिल्में बनाम हिंदी फिल्मों पर चर्चा के बीच आप भी निर्देशक शंकर की फिल्म ‘अन्नियन’ का रीमेक कर रहे हैं, क्या भविष्य है इन रीमेक फिल्मों का?
हां, मैं निर्देशक शंकर की फिल्म 'अन्नियन' की रीमेक कर रहा हूं। निश्चित रूप से इस फिल्म को लेकर मैं बहुत ही उत्साहित हूं। रीमेक का भविष्य तो ये है कि रीमेक फिल्में तब बनती हैं, जब मूल फिल्में सफल होती हैं। अब तो दक्षिण की फिल्में डब होकर मूल फिल्म के साथ ही हिंदी में रिलीज होने लगी है। तो देखना होगा कि रीमेक कोई बनाएगा या नहीं। अब अखिल भारतीय फिल्मों का नहीं बल्कि विश्वस्तरीय फिल्मों का जमाना है। मैं मानता हूं कि भाषा की अब भी अपनी सीमाएं है लेकिन आज लोग सब जगह की फिल्में देख रहे हैं तो ये बदलाव तो आया है।

विज्ञापन

6 of 8
रणवीर सिंह - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

और, यही बदलाव हम ‘जयेशभाई जोरदार’ में भी देख रहे हैं?
ऐसे किरदार को निभाना बहुत मुश्किल होता है। जैसे बाजीराव का किरदार मेरे लिए बहुत मुश्किल था। रही बात ‘जयेशभाई जोरदार’ जैसे किरदार निभाने की प्रेरणा की तो इसके लिए मुझे चार्ली चैपलिन की फिल्मों से सीख मिली। उनकी फिल्मों की कहानी में हास्य नहीं तंज होता है। एक दर्द होता है व्यवस्था को लेकर। असली कॉमेडी वही है जो आपको रुला दे।

विज्ञापन

7 of 8
रणवीर सिंह - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

अपनी अगली फिल्म ‘सर्कस’ के बारे में कुछ बताएं ?

अगर आपको रोहित शेट्टी की ‘गोलमाल’ फिल्म पसंद है तो ‘सर्कस’ देखकर आप पागल हो जाएंगे। कॉमेडी फिल्में बनाने का उनका अपना अलग अंदाज है। मैं पिछले पांच-छह साल से हर इंटरव्यू में बोलता आ रहा था कि कोई तो मुझे कॉमेडी फिल्म दे दे। और, रोहित शेट्टी ने मुझे ये फिल्म दे दी। मैंने उनके साथ पूरी तरह से एक्शन मसाला फिल्म 'सिम्बा' की है और अब उन्हीं के साथ अब कॉमेडी फिल्म ‘सर्कस’ कर रहा हूं।

विज्ञापन

8 of 8
रणवीर सिंह - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

और, नए निर्देशकों के साथ काम करने के लिए कितना उत्साह रहते हैं?

दरअसल उत्साह इन निर्देशकों के अंदर इतना होता है कि उनके उत्साह को देखकर मेरे अंदर उत्साह आ जाता है। दिव्यांग ठक्कर के साथ ‘जयेशभाई जोरदार’ में काम करना मुझे पहले जोखिम भरा लग रहा था। लेकिन फिर मुझे समझ आयाकि जब 10 साल पहले मनीष शर्मा ने मेरी काबिलियत के चलते मुझे 'बैंड बाजा बारात' मे लिया था तो अगर 10 साल बाद मैं किसी टैलेंट को मौका नहीं दे पा रहा हूं तो मैं क्या कर रहा हूं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें