बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह के लिए पिछला साल काफी धमाकेदार रहा। रणवीर सिंह पिछले साल ही अपनी लेडी लव दीपिका पादुकोण से भी शादी की। 'पद्मावत' और 'सिंबा' के हिट हेने के बाद अब 'गली ब्वॉय' का हल्ला है। अमर उजाला से इस एक्सक्लूसिव मुलाकात में रणवीर सिंह ने अपने एक्टिंग करियर, अपने किरदारों के चयन और अपनी शख्सियत के विस्तार के बारे में बातचीत की।
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simmba
- फोटो : instagram
सिंबा की भूमिका के लिए आपने कैसे तैयारी की और इसे निभाने से पहले क्या परदे पर हिट पुलिसवाले बन चुके अभिनेताओं के किरदार आपके जेहन में थे? मैंने दूसरे अभिनेताओं की भूमिकाओं से प्रेरणा लेना काफी पहले ही बंद कर दिया है क्योंकि फिर मैं जो भी करता उसे ओरिजनल नहीं कहा जाता है। इसीलिए, मैंने सिंबा में ओरिजनल किरदार बनाने की कोशिश की जो सभी से अलग हो क्योंकि मुझे पता था कि कई और अभिनेताओं ने पहले भी पुलिस वालों का किरदार निभाया है जैसे 'बाजीराव सिंघम', 'चुलबुल पांडे' आदि।
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ranvir
फिल्म 'पद्मावत' में अपने किरदार को देखते हैं तो अब किस तरह का नजरिया बनता है?
मुझे लगता है कि यह किरदार मेरी फिल्मोग्राफी में सबसे अलग है। शायद इस तरह का किरदार मैं कभी दोबारा ना करूं क्योंकि मेरे लिये लिए वहां तक भावनात्मक और मानसिक रूप से जाना बहुत चुनौतीपूर्ण था। इस किरदार ने मुझे बहुत गहराई से प्रभावित किया और मेरी सेहत को भी नुकसान पहुंचाया। शारीरिक से ज़्यादा मानसिक रूप से काफी नुकसान दिया है। तो आगे मैं ऐसे किरदार चुनने से पहले दो बार जरूर सोचूंगा। मैं 'पद्मावत' का किरदार करने से पहले ही डरा हुआ था लेकिन भंसाली साहब ने मुझे प्रोत्साहन दिया और मैं मानता हूं कि मेरी जिंदगी में यह किरदार मुझे हमेशा याद रहेगा।
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Ranvir
तो कभी 'पद्मावत' के किरदार खिलजी से बड़ी लाइन खींचने का भी ख्याल आया? जब आप बड़ी बोली लगाते है और जीत जाते हैं तो इनाम भी बड़ा मिलता है। जब इस किरदार की प्रशंसा हुई तो सबसे पहला खयाल यही था कि क्या मैं इससे बड़ा भी कुछ कर पाऊंगा। फिर मेरी अगली फिल्म सिंबा आई तो इसने मुझे काफी तसल्ली दी। अब मुझे लगता है कि मैं ज़िम्मेदार हो गया हूं और आने वाले कल में मैं और भी कड़ी मेहनत करूंगा और सभी को ज़्यादा से ज़्यादा मनोरंजन देने का प्रयास करूंगा।
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gully boy
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आने वाली फिल्म 'गली ब्वॉय' में आप एक रैपर की भूमिका निभा रहे हैं। इस भूमिका के लिए जो कुछ जरूरी था उसे पाने में क्या क्या मुश्किलें आईं?
लोगों को लगता है कि मैं बहुमुखी किरदार निभाने में सफल हो गया हूं लेकिन इस गुण को अपने अंदर लाने में काफी मेहनत लगती है। 'लुटेरा', 'दिल धड़कने दो' और 'गली ब्वॉय' जैसे किरदार निभाने के लिए मुझे अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलना पड़ा। जो मैं सिंबा मे करता दिख रहा हूं वह मेरे डीएनए में है, मेरे खून में है। लेकिन ये जो शांत स्वभाव वाले किरदार हैं, ये मेरे स्वभाव में नहीं हैं। मैने ये सब काम करते करते सीखा है। भंसाली जी भी यही कहते हैं कि मेरे साथ एक ही मुश्किल है, मेरी ऊर्जा को काबू में करना।
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gully boy
- फोटो : tw
आपने अपने अंदर इस बहुमुखी किरदार निभाने के तरीके को कैसे जगाया?
मैं चाहता हूं कि मैं सबसे अच्छा अदाकार बनूं और मेरे लिए बेस्ट की परिभाषा बहुमुखी किरदार निभाना ही है। मैंने बचपन से उन्हीं एक्टर्स को अपना रोल मॉडल माना है जो अपने आपको किरदार की तरह ढाल सकें ना कि किरदार को अपनी तरह ढालें। मैने हमेशा से ही यह चाहा था कि मैं कई तरह के किरदार निभाऊं और मुझे यह गुण अपने आपसे भी आगे निकलने की प्रेरणा देता है। मुझे लगता है कि मैंने वह हासिल कर लिया है। मेरे निभाए गए किरदार और उनको मिली वाहवाही इसका उदाहरण हैं।
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ranveer singh
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'गली ब्वॉय' में आपने खुद रैप भी किया, ये कला कहां से सीखी?
मैं हिप हॉप बचपन से ही फॉलो कर रहा हूं। तीसरी और चौथी कक्षा में जब था तो केबल टीवी आया। मैं तब से ही गैंगस्टार रैप, हिप हॉप कल्चर से बहुत प्रभावित रहा। टूपैक शकूर, द नोटोरियस बी आई जी, स्नूप डॉग, एमीनेम आदि मेरे पसंदीदा रहे है। जब मैंने देखा कि नेज़ी और डिवाइन जिस तरह से देशी रैप का नाम रोशन कर रहे हैं तो मैं बहुत खुश हुआ। 'गली ब्वॉय' मेरे लिए बहुत खास है क्योंकि मैं इससे काफी अंदर तक जुड़ा हुआ हूं। एक तो इसमें रैप है और ऊपर से मेरी मातृभूमि मुंबई में इसका शूट होना, दोनों मेरे दिल के काफी करीब हैं।
एक अच्छी स्क्रिप्ट का चयन करते समय आपका पैमाना क्या होता है?
अगर हम कहानी को ज़्यादा महत्व दें तो उसके साथ एक अच्छा डायरेक्टर भी बहुत ज़रूरी है। मेरे लिए कहानी हमेशा से ही ज़्यादा महत्वपूर्ण है। मैं हमेशा से ही चाहता रहा हूं कि एक राइटर को भी बराबर दर्जा मिले क्योंकि वही फिल्म का मूल आधार है। उसके बिना फिल्म बनाना मुश्किल है। लेकिन, कहानी के बाद असली काम है उसे परदे पर उतारना। किसी फिल्म में स्क्रिप्ट के बाद दूसरी महत्वपूर्ण चीज़ डायरेक्टर ही है। मेरा 83 और तख्त करना इसे साबित करता है क्योंकि दोनो के ही डायरेक्टर बहुत अनुभवी और सबसे अच्छे हैं।