बॉलीवुड में गब्बर से लेकर मोगेंबो, शाकाल और बिल्ला जैसे कई ऐसे विलेन रहे, जिनकी दहशत लोगों के दिलों में आज भी कायम है। लेकिन एक एक्टर ऐसा भी था जिसने विलेन के रोल को नए आयाम दिए। विलेन के किरदारों के जरिए यह एक्टर लोगों के लिए डर का दूसरा नाम बन गया था। 90 के दौर में हिंदी फिल्मों में एक ऐसा विलेन आया, जिसे देखकर हीरो भी खौफ खा जाते थे। उसकी शक्ल देखकर ही लोग डर जाया करते थे। कभी वह 'कर्नल चिकारा' बनकर दहशत फैलाता था तो कभी 'अन्ना' बनकर मारकाट मचाता था। हम बात कर रहे हैं उस फिल्म स्टार की जिसने हिंदी सिनेमा में अपने अभिनय से एक अलग पहचाई बनाई। अभिनेता रामी रेड्डी ही वह अभिनेता थे जो उस दौर में हीरो पर भी भारी पड़ जाया करते थे।
कैसे बने हिंदी फिल्मों के खलनायक
रामी रेड्डी का पूरा नाम 'गंगासानी रामी रेड्डी' था। उनका जन्म आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित वाल्मीकिपुरम गांव में हुआ था। रामी रेड्डी ने हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और वहां से पत्रकारिता की डिग्री ली। फिल्मों में आने से पहले वह कलम के सिपाही यानी के एक पत्रकार थे। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत तेलुगु सिनेमा से की थी। लेकिन जब हिंदी फिल्मों के ऑफर मिलने शुरू हुए तो सोचा कि क्यों न उसमें भी किस्मत आजमाई जाए।