ramesh sippy
बसंती को कच्चे आम तोड़ते सिखाते दृश्य उसी फिल्म में थे जिस फिल्म में ठाकुर के हाथ काटने वाले दृश्य। और फिर गब्बर, जिनका नाम ही काफी था। रमेश सिप्पी ने एक फिल्म में इतने बहुरंगी सिनेमाई रंग दिए थे कि उन्हें देखने वाले चमतकृत थे, और आज भी हैं। रमेश शिप्पी को पूरी जिंदगी याद करने के लिए एक शोले ही काफी है।