बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म रक्षाबंधन इन दिनों काफी चर्चा में है। जल्द ही रिलीज होने वाली यह फिल्म बीते दिनों पांच साल बाद यू सर्टिफिकेट हासिल करने वाली पहली फिल्म बनी थी।
बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म रक्षाबंधन इन दिनों काफी चर्चा में है। बीते दिनों रिलीज हुई यह फिल्म बीते दिनों पांच साल बाद यू सर्टिफिकेट हासिल करने वाली पहली फिल्म बन गई है। साल 2017 में आई फिल्म हिंदी मीडियम के बाद यह पहली फिल्म है, जिसे इस कैटेगरी का सर्टिफिकेट मिला है। हालांकि रक्षाबंधन के साथ ही रिलीज हुई फिल्म लाल सिंह चड्ढा को यूए सर्टिफिकेट दिया गया है। ऐसे में सभी के मन में यह सवाल है कि आखिर एक साथ रिलीज हुईं इन फिल्मों को अलग-अलग तरह के सर्टिफिकेट क्यों दिए गए हैं। तो आइए इस रिपोर्ट में जानते हैं भारतीय फिल्मों को मिलने वाले अलग-अलग सर्टिफिकेट के बारे में-
विज्ञापन
2 of 6
सेंसर बोर्ड
- फोटो : सोशल मीडिया
सिनेमाघरों में फिल्मों के रिलीज होने से पहले फिल्मों को कई तरह के पड़ाव पार करने पड़ते हैं। फिल्म बनकर तैयार होने के बाद एक महत्वपूर्ण पड़ाव से गुजरती है, जिसमें सीबीएफसी यानी सेंसर बोर्ड फॉर फिल्म सर्टिफिकेट एक अहम भूमिका निभाता है। दरअसल सेंसर बोर्ड फिल्म रिलीज होने से पहले इसमें दिखाए गए कंटेंट के आधार पर फिल्मों को अलग-अलग सर्टिफिकेट प्रदान करता है। फिल्मों को मिले इन अलग-अलग सर्टिफिकेट के मुताबिक दर्शक यह तय कर पाते हैं कि कौन सी फिल्म किस दर्शक वर्ग के देखने लायक है। सेंसर बोर्ड की तरफ से कुल 4 तरह के सर्टिफिकेट जारी किए जाते हैं।
विज्ञापन
3 of 6
अ (अनिर्बंधित) या U सर्टिफिकेट
- फोटो : अमर उजाला
अ (अनिर्बंधित) या U सर्टिफिकेट
यह सर्टिफिकेट उन फिल्मों को दिया जाता है जिसे सभी वर्ग के दर्शक देख सकते हैं। इस सर्टिफिकेट को हासिल करने वाली फिल्मों को बिना किसी झिझक के परिवार के साथ भी देखा जा सकता है। ऐसी फिल्मों में
4 of 6
अ/व या U/A सर्टिफिकेट
- फोटो : अमर उजाला
अ/व या U/A सर्टिफिकेट
इस सर्टिफिकेट को हासिल करने वाली फिल्मों को 12 साल से कम उम्र के बच्चे अपने माता-पिता के साथ देख सकते हैं।
विज्ञापन
5 of 6
व (वयस्क) या A सर्टिफिकेट
- फोटो : अमर उजाला
व (वयस्क) या A सर्टिफिकेट
A सर्टिफिकेट वाली फिल्में सिर्फ वयस्क दर्शक ही देख सकते हैं। ऐसी फिल्मों में आमतौर पर बोल्ड सीन्स या एडल्ट कॉमेडी वाले कंटेंट होते हैं।