राकेश ओमप्रकाश मेहरा
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ऑटोबायोग्राफी में हुआ खुलासा
इस बात का खुलासा उनकी ऑटोबायोग्राफी 'द स्ट्रेंजर इन द मिरर' हुआ था। इस किताब में निर्देशक के करियर, निजी जिंदगी, सफलता और असफलता जैसे सभी किस्सों का जिक्र है। उन्होंने किताब में लिखा, 'फिल्म शुक्रवार 20 फरवरी, 2009 को शानदार प्रतिक्रिया के साथ शुरू हुई। हमने रविवार तक 40 करोड़ से ज्यादा का कारोबार कर लिया। इसके बाद फिर सोमवार आया और दर्शक सिनेमाघरों से गायब हो गए और मैं बर्बाद हो गया था। बॉक्स ऑफिस पर हार और उसके साथ मेरे अपने संघर्ष ने मुझे झकझोर के रख दिया था। मुझे महसूस होने लगा कि क्या मैं लगातार बेहतरीन सिनेमा बनाने में सक्षम हूं या नहीं? क्या रंग दे बसंती महज ढोंग थी? किताब में उन्होंने बताया है कि इसके बाद वह पूरी तरह शराब में डूब गए थे।