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4. वहीं, 'कामचोर' और 'आप के दीवाने' के बाद वह प्रोड्क्शन के साथ-साथ डायरेक्शन में भी आ गए। साल 1987 में पहली फिल्म 'खुदगर्ज' को डायरेक्टर कर उन्होंने निर्देशिकी में कदम रखा था।
5. 'खुदगर्ज' के बाद उन्होंने बतौर निर्देशक 'किशन कन्हैया', 'करण-अर्जुन' जैसी फिल्में डायरेक्ट की जो बॉक्स-ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई।
6. यहीं से राकेश रोशन ने 'के' शब्द को अपना लकी शब्द मान लिया। क्योंकि 'खुदगर्ज', 'खून भरी मांग', 'काला बाजार', 'किशन कन्हैया', 'खेल', 'किंग अंकल', 'करण अर्जुन', 'कोयला', 'कहो ना प्यार है', 'कारोबार', 'कोई मिल गया' 'कृष', 'कृष 3' यह सभी फिल्में अंग्रेज़ी के 'के' (K) शब्द से ही शुरू होती हैं जो राकेश रोशन के लिए मील का पत्थर साबित हुई हैं।