प्रियांशु चटर्जी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
आपने रबीन्द्र नाथ टैगोर का किरदार भी किया है, किसी किरदार में खुद को ढालने की आपकी प्रक्रिया क्या है?
जब मुझे इस किरदार के लिए फोन आया तो सबसे पहले तो मैं डर गया था क्योंकि मेरे हिसाब से ऐसे महान लोगों का किरदार करने के मैं लायक ही नहीं हूं। मुझे लगा अगर कुछ गलत हो गया तो लोग मुझे गालियां देंगे। मैं नहीं चाहता कि जिन व्यक्तित्वों की लोग पूजा करते हैं, मैं उनका कुछ गलत करके गाली खाऊं। ये लोग देश का धन हैं और इनके साथ मैं छेड़छाड़ नहीं कर सकता था। मैंने हाथ पैर जोड़ कर जितना भी कर पाया किया।