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इस एक्टर को कहा जाता है बॉलीवुड का भीष्म पितामह, एक ही फिल्म में दिखा दी थी 3 पीढ़ी

Fri, 02 Nov 2018 12:21 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Prithviraj Kapoor - फोटो : twitter
पृथ्वीराज कपूर की 3 नवंबर को 112वीं बर्थ एनिवर्सरी है। पृथ्वीराज कपूर खानदान के सबसे बड़े सदस्य थे जिन्होंने बॉलीवुड में अपने चुनिंदा किरदारों से तहलका मचा दिया था। पृथ्वीराज कपूर को अगर हिंदी सिनेमाजगत का भीष्म पितामह कहे तो बिल्कुल भी अतिशयोक्ति नहीं होगा। 42 साल पृथ्वीराज कपूर ने न केवल एक्टर बल्कि डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और लेखक के तौर पर भी काम किया। तो चलिए आज आपको पृथ्वीराज कपूर की बर्थ एनिवर्सरी पर उनकी जिंदगी से जुड़े अनसुने किस्से बताते हैं। 
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Prithviraj Kapoor - फोटो : twitter
पृथ्वीराज कपूर का जन्म लायलपुर में हुआ था। अब यह शहर पाकिस्तान में है और इसे फैसलाबाद के नाम से जानते हैं। पृथ्वीराज कपूर ने पढ़ाई पेशावर में की थी और तभी उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि उनके अंदर एक एक्टर है। अपनी कला को मौका देने के लिए पृथ्वीराज कपूर मुंबई शिफ्ट हो गए थे जहां पर उन्होंने फिल्मों में अपना लक आजमाया। 
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Prithviraj Kapoor - फोटो : twitter
पृथ्वीराज कपूर ने एक्टिंग करियर की शुरुआत मूक फिल्मों से की। इन फिल्मों में 'दो धारी तलवार', 'शेर-ए-अरब' और प्रिंस विजय कुमार' जैसी फिल्में शामिल हैं। शुरुआती दौर में पृथ्वीराज ने फिल्मों में छोटे रोल किए थे। हालांकि साल 1929 में उन्हें तीसरी फिल्म में लीड रोल मिल गया था। इस फिल्म का नाम 'सिनेमा गर्ल' था। 

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alam ara - फोटो : twitter
1931 में भारत की पहली बोलने वाली फिल्म रिलीज हुई थी जिसका नाम 'आलम आरा' था। इस फिल्म में पृथ्वीराज कपूर ने सपोर्टिंग एक्टर का किरदार निभाया था जिसका नाम हिंदी सिनेमा के इतिहास में हमेशा-हमेशा के लिए दर्ज हो गया। पृथ्वीराज कपूर ने फिल्मों और थियेटर के प्रति कितना लगाव था इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि उन्होंने साल 1944 में 'पृथ्वी थियेटर्स' की स्थापना की थी।
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Prithvi Theatres - फोटो : twitter
इस थियेटर में देशभक्ति से जुड़े कई नाटक दिखाए गए थे ताकि नई पीढी़ महात्मा गांधी के भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ सके। इस थियेटर की गोल्डन जुबली होने पर 2 रुपए का पोस्टल स्टैंप भी जारी किया गया था। पृथ्वीराज कपूर की एक फिल्म में कपूर खानदान की तीन पीढ़ियों ने एक साथ काम किया था। इस फिल्म का नाम 'कल आज और कल' था। इस फिल्म में राज कपूर, रंधीर कपूर और पृथ्वीराज कपूर खुद थे। बहुत ही कम लोग इस बात को जानते होंगे कि पृथ्वीराज कपूर के पिता देवन बशेश्वरनाथ कपूर ने राज कपूर की फिल्म 'आवारा' में कैमियो किया था। 
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Mughal E Azam - फोटो : twitter
पृथ्वीराज कपूर ने 'मुगल-ए-आजम' फिल्म में अकबर का किरदार निभाया था। इस फिल्म में न केवल उनकी भारी भरकम आवाज ने किरदार में जान डाल दी बल्कि एक्टिंग की भी जमकर तारीफ की गई। यहां तक कि यह रोल को उनके करियर के यादगार किरदारों में से एक है। फिल्मों में बेहतरीन अदाकारी के लिए साल 1969 में उन्हें पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था। इसके साथ ही दादासाहेब फाल्के अवार्ड साल 1972 में दिया गया था। 
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