फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीबीएफसी अध्यक्ष ने पीएम मोदी को बताया फकीर, कहा- 'किसी फायदे के बिना कर रहें देश के लिए काम'

Fri, 24 Jan 2020 06:28 PM IST
anand anand एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : पीटीआई
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष, गीतकार एवं लेखक प्रसून जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने पीएम मोदी के लिए कहा है कि वह देश के लिए समर्पित हैं और किसी निजी फायदे के बिना देश के लिए काम कर रहे हैं। प्रसून जोशी ने ये बात जयपुर में जयपुर साहित्य उत्सव में कही हैं। इन दिनों जयपुर में साहित्य उत्सव चल रहा है। ऐसे में कई फिल्मी हस्तियां इस समारोह का हिस्सा बनने के लिए जयपुर में मौजूद हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
प्रसून जोशी - फोटो : file photo
प्रसून जोशी ने पीएम मोदी के लिए कहा, ‘आपसे फिर कहता हूं, बार-बार कहता हूं कि हमारे प्रधानमंत्री देश के लिए समर्पित हैं। मुझे इसमें कोई शक नहीं है।’ दरअसल उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उनके द्वारा ‘फकीर’ शब्द इस्तेमाल किए जाने को लेकर सवाल पूछा गया था। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि आज भी बेहद कम लोग होंगे जो इस बात से इनकार करेंगे कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह से देश के बारे में सोचते हैं। इसीलिए मैंने उनके लिए फकीर शब्द का इस्तेमाल किया। वह खुद के लिए नहीं बल्कि देश के लिए सोचते हैं।
विज्ञापन

3 of 5
prasoon joshi - फोटो : file photo
गौरतलब है कि प्रसून जोशी ने साल 2018 में प्रधानमंत्री मोदी का इंटरव्यू लिया था। इस इंटरव्यू में उन्होंने पीएम मोदी को बिना किसी निजी लाभ के फकीर बोला है। उनके इस इंटरव्यू की काफी चर्चा हुई थी। इसके अलावा प्रसून जोशी ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) को लेकर जारी विरोध की ओर इशारा करते हुए कहा कि असहमति में हम गरिमा छोड़ रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने असहमति में व्यक्तिगत हमले करने पर भी आपत्ति जताई। 

4 of 5
प्रसून जोशी - फोटो : file photo
इसके अलावा प्रसून जोशी ने जयपुर साहित्य उत्सव मेें फिल्म इंडस्ट्री के बारे में भी ढेर सारी बातें कीं। उन्होंने कहा कि, मैंने देखा है कि हमारी इंडस्ट्री में कुछ लोग एक-दूसरे पर निजी हमले करने लगते हैं। किसी चीज की असहमति को लेकर हमेशा गरिमा होनी चाहिए। आप कुछ चीजों के लिए असहम हो सकते हैं लेकिन असहमति में गरिमा होनी चाहिए। सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आप कुछ भी फिल्माइए, मुझे कोई परहेज नहीं है, लेकिन आप जाहिर कर फिल्माइये। उन्होंने कहा कि हम विवादों से विचार विमर्श की तरफ गए हैं, इसलिए चीजें सुधरी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रसून जोशी - फोटो : file photo
आपको बता दें कि गुलाबी नगरी में गुरुवार से जयपुर साहित्य उत्सव (जेएलएफ) 2020 की शुरुआत हुई। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ संजॉय के रॉय, विलियम डेलरिम्पल नमिता गोखले, शुभा मुद्गल चन्द्र प्रकाश देवल ने औपचारिक शुरुआत की। जेएलएफ का यह 13वां संस्करण है और इसमें 23 से 27 जनवरी तक कविता, कहानी, उपन्यास, भाषा के साथ साथ पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और तकनीक, गरीबी जैसे ज्वलंत मुद्दों पर भी मंथन होगा।

पढ़ें: Republic Day 2020: 'ऐ मेरे प्यारे वतन से' लेकर 'ऐ वतन' तक, देशभक्ति का जोश भर देंगे ये 10 गाने
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें