प्रसून जोशी
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इसके अलावा प्रसून जोशी ने जयपुर साहित्य उत्सव मेें फिल्म इंडस्ट्री के बारे में भी ढेर सारी बातें कीं। उन्होंने कहा कि, मैंने देखा है कि हमारी इंडस्ट्री में कुछ लोग एक-दूसरे पर निजी हमले करने लगते हैं। किसी चीज की असहमति को लेकर हमेशा गरिमा होनी चाहिए। आप कुछ चीजों के लिए असहम हो सकते हैं लेकिन असहमति में गरिमा होनी चाहिए। सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आप कुछ भी फिल्माइए, मुझे कोई परहेज नहीं है, लेकिन आप जाहिर कर फिल्माइये। उन्होंने कहा कि हम विवादों से विचार विमर्श की तरफ गए हैं, इसलिए चीजें सुधरी हैं।