फिल्म इंडस्ट्री के माने जाने कलाकार प्रकाश मेहरा
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घर छोड़कर भाग गए थे प्रकाश मेहरा
एक समय था जब प्रकाश मेहरा निर्माता निर्देशक नहीं बनना चाहते थे। मुंबई आने पर उनके सपने कुछ और था। जब प्रकाश मेहरा 10वीं क्लास में पढ़ते थे, तो उन्हें शायरी लिखने का शौक चढ़ा था। इसी दौरान कक्षा में एक दोस्त ने उन्हें भारतीय क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल की गीत सुनाया, 'सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है'। इस गीत को सुनकर उन्होंने फैसला किया कि वह भी ऐसे ही देश प्रेम की भावना से भरे जोशीले गीत लिखेंगे। बस फिर क्या था प्रकाश मेहरा बिना बताए घर से भाग गए। वह बिजनौर से लखनऊ पहुंच गए ताकि मुंबई की ट्रेन पकड़ सकें। हालांकि जैसे ही उन्होंने लखनऊ प्लेटफार्म पर कदम रखा तो उनके फूफा जी ने उन्हें पकड़ लिया। क्योंकि फूफा जी लखनऊ में रहते थे। जब वह उन्हें घर वापस लाए तो उनकी अच्छी खासी क्लास लगी, लेकिन आखिरकार कुछ सालों बाद वह मुंबई आ ही गए, वह भी संगीतकार बनने। हालांकि बन गए एक निर्देशक।