Tamannaah and Prabhas
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दोभी, जौनपुर से अलका पूछती हैं कि साहो आपकी पहली फिल्म है जिसे आपने हिंदी में भी शूट किया है, हिंदी आपको पहले से आती है या इस फिल्म के लिए सीखनी पड़ी?
हां, ये सही बात है कि फिल्म साहो के लिए मुझे हिंदी सीखनी पड़ी। मैं हिंदी पढ़ लेता हूं, समझ भी लेता हूं लेकिन बोलने में मुझे दिक्कत अब भी होती है। फिल्म साहो के संवाद बोलने के लिए सेट पर हिंदी के एक प्रशिक्षक रहते थे जो मुझे सही तरीके से हिंदी बोलने में मदद करते थे। हिंदी में क्रियाएं लिंग के अनुसार बदल जाती हैं। तेलुगू में ऐसा नहीं है। हिंदी में बस था और थी का ये फर्क ही मुझे थोड़ा मुश्किल लगता है।
गोरखपुर के अनुज गुप्ता का सवाल है कि इन दिनों हिंदी फिल्मों के तमाम बड़े सितारे हिंदी सिनेमा का रुख कर रहे हैं, क्या आपको भी हॉलीवुड के कोई ऑफऱ बाहुबली के बाद आया?
हॉलीवुड जाकर जो लोग भी अच्छा काम कर रहे हैं, वे सब तारीफ के काबिल हैं। जरूर ये उनका टैलेंट ही होगा जो उनके काम आ रहा है। मैं अपने देसी सिनेमा से बहुत खुश हूं और फिलहाल यहीं काम करना चाहता हूं।