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कोरोना पलायन पर फिल्म बनाएंगे 'पीहू' के निर्देशक, पैदल ही घर को निकले परिवार के साथ किया सफर

Mon, 30 Mar 2020 07:47 PM IST
Avinash Pal अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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विनोद कापरी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
देश में 21 दिनों के लॉकडाउन के बाद शहरों से अपने गांवों की ओर निकले मजदूरों की दिल दहला देने वाली तस्वीरें जल्द ही बड़े परदे पर एक फिल्म की शक्ल लेने वाली हैं। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता निर्देशक विनोद कापड़ी ने ऐसे ही कुछ मजदूरों के साथ सफर तय कर कुछ मानवीय पहलुओं की कहानियां तलाशी हैं। इन कहानियों के बारे में विनोद ने अमर उजाला को एक्सक्लूसिव जानकारी भी दी।
 
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बॉलीवुड, फिल्म पीहू - फोटो : self
कोरोना महामारी की वजह से देश के बिगड़ते माहौल पर कई फिल्म निर्माता और निर्देशक फिल्म बनाने का विचार कर रहे हैं। सभी निर्देशक इस मुद्दे को अलग-अलग चश्मे से देख रहे होंगे। लेकिन फिल्म 'पीहू' के निर्देशक विनोद कापड़ी का ध्यान कोरोना की वजह से पलायन कर रहे लोगों की तरफ गया। उन्होंने इस पूरी कहानी का पीछा किया और अब उन्होंने इस मुद्दे पर एक फिल्म बनाने का फैसला कर लिया।
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विनोद कापरी - फोटो : Social Media
विनोद ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर शॉर्ट विडियोज की एक सीरीज पोस्ट की है। इस बारे में बात करते हुए विनोद कहते हैं, 'ये तो सिर्फ किस्तों में पेश की गई एक डॉक्यूमेंट्री थी, लेकिन अब मैं एक फिल्म बनाने जा रहा हूं, जिसे मैं ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कमर्शियली रिलीज करूंगा। इस घटना ने मुझे एक फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया है। इसपर मैं अपनी टीम के साथ मिलकर काम कर रहा हूं।'

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pihu
सोशल मीडिया पर साझा की गई वीडियो सीरीज में विनोद ने दिल्ली से कानपुर पलायन कर रहे एक परिवार को अपनी कहानी का आधार बनाया। उस परिवार ने दिल्ली से अपनी पैदल यात्रा शुरू की तो विनोद उनके साथ हो लिए। इस डॉक्यूमेंट्री को फिल्माने से पहले विनोद दिल्ली में ही कई गरीब परिवारों से मिले थे। हालात को देखकर उन्हें अंदाजा हो गया था कि अब बहुत बड़ा पलायन विस्फोट होने वाला है।
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विनोद कापरी - फोटो : Social Media
विनोद ने बताया, 'लॉकडाउन होने के अगले ही दिन जब मैं उन परिवारों से मिला, तब मुझे पता चला कि इन लोगों को तो पिछले तीन दिन से खाना भी नसीब नहीं हुआ था। सरकार ने दैनिक वेतनभोगियों को भत्ता देने की बात तो कही लेकिन इन लोगों का क्या जो रेहड़ियां लगाकर अपने परिवार को पालते हैं। उस घटना ने मुझे इस कहानी को फिल्माने पर मजबूर किया।'
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