patralekha and rajkummar rao
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पत्रलेखा कहती हैं, 'मेरे माता-पिता शिलांग में है। जबसे वहां एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है, मैं तभी से बहुत परेशान हूं। यह सिर्फ एक केस की बात नहीं है। यह बात है कि वह आदमी न जाने कितने लोगों के संपर्क में आया होगा और उससे कितने लोग संक्रमित हुए होंगे। हालांकि मेरे माता-पिता के साथ वहां मेरा भाई भी है, इसलिए मेरे माता-पिता को बाहर सामान लेने के लिए नहीं जाना पड़ता लेकिन फिर भी मैं चिंतित हूं।'