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पद्मावती विवाद: संसदीय समिति के सामने कई सवालों पर फंसे भंसाली

Fri, 01 Dec 2017 07:50 AM IST
एजेंसी / नई दिल्ली  
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संजय लीला भंसाली - फोटो : PTI
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'पद्मावती'  के निर्देशक संजय लीला भंसाली बृहस्पतिवार को सूचना एवं प्रौद्योगिकी संसदीय समिति के सामने पेश हुए। सूत्रों के मुताबिक भंसाली ने समिति से कहा कि उनकी फिल्म पद्मावती इतिहास पर आधारित नहीं है। बल्कि यह मलिक मोहम्मद जायसी की कविता पर आधारित है। 
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बैठक में समिति के सदस्यों ने उनसे कहा कि लोग फिल्म के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन फिल्म से समाज को कोई दिक्कत न हो, इसकी जिम्मेदारी सांसदों पर है। समिति ने फिल्म में सती प्रथा के महिमा मंडन पर भी भंसाली को घेरा। समिति ने पूछा कि क्या फिल्म में जौहर का दृश्य दिखाया गया है? क्या सती प्रथा को फिल्मों में दिखाया जा सकता है। 

कई सवालों पर फंसे भंसाली

फिल्म को सेंसर की मंजूरी से पहले टीवी चैनलों के पत्रकारों को दिखाने पर उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। समिति ने पूछा कि क्या फिल्म की स्क्रीनिंग का मकसद सेंसर बोर्ड को प्रभावित करना था? आपने कैसे सोचा कि फिल्म एक दिसंबर को रिलीज होगी। जबकि आपने प्रमाणपत्र के लिए उसे 11 नवंबर को बोर्ड के पास भेजा। नियमों के मुताबिक रिलीज से 68 दिन पहले फिल्म भेजनी चाहिए थी। उनसे यह भी पूछा गया कि क्या विवाद खड़ा करना फिल्म बेचने का नया तरीका है क्योंकि विवाद से मीडिया में उसकी मुफ्त में चर्चा होती है। सूत्रों के मुताबिक भंसाली से समिति ने ढाई घंटे तक सवाल जवाब किए। 
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पूछा गया कि जब फिल्म को लेकर डेढ़ साल से विवाद चल रहा था तो इसे ठीक करने के लिए कदम क्यों नहीं उठाए? जब फिल्म के सारे नाम और चरित्र इतिहास से लिए गए हैं, तो कैसे कहा जाता सकता है कि फिल्म का इतिहास से कोई लेना-देना नहीं है। क्या यह बात सही है कि आपने करणी सेना से वादा किया था कि आप उन्हें फिल्म दिखाएंगे। 

कमेटी को बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर कर रहे हैं लीड

अनुराग ठाकुर
इस दौरान सेंसर बोर्ड के मुखिया प्रसून जोशी ने समिति को विस्तार से जानकारी दी। जोशी ने कहा कि उन्होंने फिल्म नहीं देखी है। इस फिल्म में सेंसर बोर्ड की भूमिका के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के तहत पहले इसे क्षेत्रीय समिति देखती है। केंद्रीय समिति विशेष परिस्थिति में ही फिल्म देखती है। प्रसून ने इस दौरान स्वीकार किया कि फिल्म के प्रोमो को मंजूरी दी गई है। 

हमने विवाद खत्म करने की पहल की है। हम जानना चाहते थे कि आखिर यह फिल्म शूटिंग के समय से ही विवादों में क्यों रही है। क्यों इसे मीडिया के एक वर्ग को दिखाया गया। 
अनुराग ठाकुर, अध्यक्ष संसदीय समिति 
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ये है पद्मावती विवाद की वजह

Padmavati
फिल्म में दीपिका पादुकोण रानी पद्मावती, शाहिद कपूर राजा रतन सिंह तो वहीं रणवीर सिंह अलाउद्दीन खिलजी का किरदार निभा रहे हैं। बता दें कि दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर स्टारर फिल्म पद्मावती का राजपूत करणी सेना लगातार विरोध कर रही है।

करणी सेना व अन्य राजपूत समुदायों की ओर से फिल्म को बैन करने की मांग कर रही है। उनका दावा है कि फिल्म में इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है।
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