छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके
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इसके अलावा वह कहते हैं कि आज की पीढ़ी के लिए बेहतरीन संगीत लाने का हमारा निरंतर प्रयास रहा है और हम "छाप तिलक" पर पैनोरमा संगीत के साथ सहयोग करके खुश हैं, जिसका जादू कभी फीका नहीं पड़ सकता। बता दें कि भारत की आजादी के 75 साल के अवसर पर, सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान और उनके बेटों द्वारा महात्मा गांधी के पसंदीदा भजन, "वैष्णव जाना तो" का तीन मिनट का एक शानदार गायन प्रस्तुत किया था।