Richa chadha and Ali fazal
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सीएए, एनआरसी आदि मुद्दों पर आपके तेवरों का अर्थ क्या है?
मेरे अनुसार सरकार की नीयत अच्छी है। वह देश की बेहतरी चाहती है। वह अर्थव्यवस्था को अच्छा करना चाहती है। मेरा यही मानना है कि जब हमारी अर्थव्यवस्था और किसानों का हाल बेहाल तो इस सूरत में हम दूसरे पचड़े में क्यों पड़े जैसे नोटबंदी। सीएए या एनआरसी से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। मैं आवाज अपनी नौकरानी के लिए उठा रही हूं क्योंकि जब मैं उससे पूछती हूं कि तुम्हारे पास जन्म प्रमाण पत्र है तो वह कहती है, 'नहीं यह तो नहीं है लेकिन मैं जन्मष्टामी के दिन पैदा हुई थी।' आज एक हिंदुस्तानी दूसरे हिंदुस्तानी से लड़ रहा है। सरकार को इसे लेकर बातचीत का रास्ता अख्तियार करना चाहिए।