चौतरफा विरोधों और हाईवोल्टेज ड्रामे के बीच आखिरकार संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत गुरुवार को रिलीज हो ही गई। फिल्म की शूटिंग से लेकर प्रमोशन तक फिल्म का जमकर विरोध किया गया। जो अबतक जारी है। ये राजपूत संगठनों का ही खौफ है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और गोवा में यह फिल्म थिएटर में नहीं दिखाई जा रही। आइए एक नजर डालते हैं सालभर से चले आ रहे विवादों के हाइलाइट्स पर
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- फोटो : self
जनवरी, 2017: जयपुर के जयगढ़ किले में फिल्म की शूटिंग के दौरान करणी सेना ने न सिर्फ सेट पर तोड़फोड़ की बल्कि संजय लीला भंसाली को झापड़ रसीद कर दिए थे। विरोध की शुरुआत रणवीर के अलाउद्दीन खिलजी किरदार और दीपिका के रानी पद्मावती किरदार के बीच ड्रीम सीक्वेंस फिल्माए जाने की खबर पर हंगामा मचा था।
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मार्च, 2017 : राजस्थान में मचे हंगामे के बाद संजय लीला भंसाली ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर में सेट लगाया लेकिन यहां भी हंगामा मचा। आखिरकार भंसाली प्रोडक्शन्स को फिल्म में दीपिका और रणवीर के बीच कोई रोमांटिक ड्रीम सीक्वेंस न होने की सफाई देनी पड़ी।
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सितंबर-अक्टूबर 2017 : फिल्म के पोस्टर्स, ट्रेलर और घूमर गाना सामने आते ही करणी सेना का जोरदार विरोध शुरू हुआ। सूरत के एक आर्टिस्ट ने फिल्म के पोस्टर की रंगोली एक मॉल में बनाई जिसे 48 घंटे के भीतर ख़राब कर दिया गया। दीपिका ने इसकी भडास सोशल मीडिया पर निकाली।
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नवंबर, 2017: नवंबर में विरोध ने बड़ा रूप लिया। इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए करणी सेना समेत राजपूत संगठनों ने फिल्म के खिलाफ विरोध तेज किया। दीपिका के नाक काटने की धमकी से लेकर भंसाली को जानलेवा धमकियां दी गईं और इसके लिए इनाम राशि की भी घोषणा हुई। टीम की सुरक्षा बढ़ाई गई। गुजरात चुनाव से पहले गुजरात में, राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार में बैन हुई।
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1 दिसंबर को रिलीज होने वाली इस फिल्म के निर्माताओं को फिल्म की रिलीज टालनी पड़ी। संजय लीला भंसाली के अलावा प्रसून जोशी की लोकसभा की याचिका समिति के सामने पेशी हुई जिन्होंने इस फ़िल्म से जुड़े विवाद पर अपनी बात रखी।
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दिसंबर, 2017: फिल्म के रिव्यू के लिए एक कमेटी बनी जिसमें इतिहासकारों के साथ साथ पूर्व राजघराने के सदस्य शामिल रहे। रिव्यू कमेटी के 3 सदस्यों, रॉयल अरविंद सिंह, इतिहासकार चंद्रमणि सिंह और इतिहासकार केके सिंह ने मुंबई में फिल्म देखी और इनकी आपत्तियों के आधार पर फिल्म में पांच बदलाव सुझाए गए जिसे निर्माता ने मान लिया। इन बदलावों में शामिल रहा, टाइटल का पद्मावती से पद्मावत होना, घूमर गाने के साथ-साथ सती प्रथा को बढ़ावा देते सीन्स में बदलाव, ऐतिहासिक जगहों को म्यूट करना, और दो डिस्क्लेमर, जिनमें ये साफ हो कि फिल्म सूफी कवि मलिक मोहम्मद जायसी की रचना 'पद्मावत' पर आधारित है।
जनवरी, 2018: पद्मावत में 300 कट की खबरों से हंगामा मचा हालांकि सीबीएफसी और निर्माताओं ने इससे इनकार किया। अक्षय कुमार के साथ संजय लीला भंसाली की प्रेस कांफ्रेंस हुई। फिल्म की रिलीज की तारीख 25 जनवरी तय होते ही अक्षय की पैडमैन ने अपनी फिल्म की रिलीजिंग डेट आगे बढ़ा ली। रिलीज डेट सामने आते ही राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा में फिल्म दोबारा बैन हुई जिसे सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया।