prasoon joshi
अपने बयान में उन्होंने आगे कहा, 'मैं ऐसा इसलिए कर रहा हूं ताकि इस समारोह की गरिमा के साथ कोई समझौता ना हो और ना ही आयोजकों, साथी लेखकों और बाकी शामिल लोगों को कोई परेशानी हो। ये जरूरी है कि साहित्य प्रेमियों का ध्यान कंट्रोवर्सी पर नहीं बल्कि क्रिएटिविटी पर केंद्रित रहे।'