अलाउद्दीन खिलजी जब अपनी बीवी मेहरून्निसां के साथ शयन कक्ष में होता है तो मलिक काफूर छिप-छिपकर उसे देखता है और अपने जज्बातों को छिपाकर उन्हें निहारता है। सिर्फ इतना ही नहीं 'पद्मावत' में एक सीन है जहां पर मलिक काफूर अलाउद्दीन को गाना सुनाकर बहलाता है और अलाउद्दीन खिलजी भी उसका भरपूर लुत्फ लेते हैं। अलाउद्दीन नहाता है और काफूर उसका मनोरंजन करता है। जब मलिक काफूर को यह पता चलता है कि अलाउद्दीन का असली प्यार वह नहीं बल्कि पद्मावती है तो वह थोड़ा परेशान हो जाता है। यही नहीं, मलिक काफूर ही अलाउद्दीन खिलजी की जान बचाने में अहम भूमिका निभाता है।