फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

OTT: 'जुगाड़ स्टार्टअप' की वजह से ओटीटी प्लेटफॉर्म को रहा बड़ा नुकसान, आधे से कम दामों पर दे रहे सब्सक्रिप्शन

Fri, 03 Jun 2022 08:45 PM IST
हर्षिता सक्सेना एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

मंथली सब्सक्रिप्शन की फीस से बचने के लिए लोग एक ही पासवर्ड से इन ओटीटी पर मौजूद कंटेंट देखते हैं। ऐसे में पासवर्ड शेयर करने की वजह से ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को इसका अच्छा-खासा घाटा झेलना पड़ रहा है। 

विज्ञापन
1 of 8
ओटीटी - फोटो : Social media

मनचाही फिल्म हो, सीरियल या वेब सीरीज कोई भी वीडियो आपको ओवर-द-टॉप यानी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर मिल जाएगी। लेकिन इंटरनेट पर इन वीडियोज को देखने के लिए यूजर्स को सब्सक्रिप्शन की आवश्यकता होती है। मंथली सब्सक्रिप्शन की फीस से बचने के लिए लोग एक ही पासवर्ड से इन ओटीटी पर मौजूद कंटेंट देखते हैं। ऐसे में पासवर्ड शेयर करने की वजह से ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को इसका अच्छा-खासा घाटा झेलना पड़ रहा है। 

 
विज्ञापन

नेटफ्लिक्स के घटे 2 लाख सब्सक्राइबर

कोरोना महामारी के समय जब देशभर में लॉकडाउन लगा था तब इन ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। लेकिन अब जब देश लॉकडाउन में नहीं है, पासवर्ड शेयरिंग से इनकी चिंताएं बढ़ा दी हैं। नेटफ्लिक्स ने बताया है कि जनवरी से मार्च 2022 के बीच दुनियाभर में 2 लाख सब्सक्राइबर घटे। ऐसा एक दशक में पहली बार हुआ। अनुमान है कि दुनियाभर में नेटफ्लिक्स के 22.2 करोड़ सब्सक्राइबर अन्य 10 करोड़ लोगों से पासवर्ड शेयर करते हैं। 

विज्ञापन

मामूली कीमत पर सब्सक्रिप्शन उपलब्ध करवा रहे जुगाड़ स्टार्टअप

सब्सक्रिप्शन की फीस न चुकानी पड़े इसके लिए देश में कई नए बिजनेस और स्टार्टअप खड़े हो गए हैं। ये जुगाड़ स्टार्टअप मामूली कीमत पर पासवर्ड उपलब्ध करवा रहे हैं। दिल्ली का एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर आधी कीमत में ओटीटी का पासवर्ड उपलब्ध करवा देता है। एक ही पासवर्ड को कई लोगों को बेचा जाता है जो अलग-अलग समय पर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर मूवी या वेब सीरीज देखते हैं। इसलिए समस्या खड़ी नहीं होती। दिल्ली में इस तरह के सैकड़ों जुगाड़ स्टार्टअप हैं जो वास्तविक कीमत से बहुत कम दाम पर ओटीटी सब्सक्रिप्शन उपलब्ध कराते हैं। 

 

छात्रों ने पेश किया था ओटीटी हब का आइडिया

दिल्ली सरकार की ओर से मार्च के माह में बिजनेस ब्लास्टर्स इवेंट हुआ था। इसमें कक्षा 12वीं के 4-5 छात्रों ने 'ओटीटी हब' का आइडिया पेश किया था। इस स्टार्टअप का प्लान पांच रुपये प्रति घंटे के हिसाब से सब्सक्रिप्शन देने का है। दिल्ली के नारायणा स्थित सर्वोदय बाल विद्यालय के छात्रों की टीम ने यह आइडिया पेश किया था। 

विज्ञापन

छात्रों की इस टीम ने बताया था कि किस तरह से वह तमाम ओटीटी प्लेटफॉर्म्स किराए पर उपलब्ध करा रहे हैं। इसके लिए पहले इन प्लेटफॉर्म के सब्सक्रिप्शन पूरी कीमत देकर खरीदते हैं। बाद में इन्हें घंटों के हिसाब से यूजर को किराए पर उपलब्ध कराते हैं। छात्र अपने सब्सक्रिप्शन का पासवर्ड शेयर करते हैं जिससे कि वह प्लेटफॉर्म पर सीरीज या फिल्म का आनंद ले सकें। 

विज्ञापन

फिल्म घंटों की तो सब्सक्रिप्शन महीनों का क्यों

इस टीम के सदस्य आलम ने बताया था कि इस स्टार्टअप को तैयार करते समय सोचा था कि कुछ ऐसा होना चाहिए जो बिल्कुल अलग हो और घर बैठे हो जाए। कोरोना महामारी के कारण घर से बाहर जाने की इजाजत नहीं थी। इन छात्रों ने इस टैगलाइन के साथ ओटीटी हब को तैयार किया था कि जब फिल्म घंटों की है तो सब्सक्रिप्शन महीनों का क्यों हो।

विज्ञापन

भारत में एक्टिव पेड यूजर्स 

ओरमैक्स मीडिया के अगस्त 2021 के आंकड़ों की माने तो भारत में सोनीलिव के 0.45 करोड़, नेटफ्लिक्स के 0.54 करोड़, जी5 के 0.65 करोड़, अमेजन प्राइम के 1.97 करोड़, डिज्नी हॉटस्टार के 3.45 करोड़ एक्टिव पेड सब्सक्राइबर हैं।

 
विज्ञापन

नेटफ्लिक्स की नई पॉलिसी का ट्रायल

नेटफ्लिक्स ने मार्च 2022 में तीन लैटिन अमेरिकी देशों में पासवर्ड शेयरिंग की समस्या से बचने के लिए नई पॉलिसी का ट्रायल किया। परिवार से इतर पासवर्ड शेयर करने पर अतिरिक्त शुल्क मांगा। इसपर कई यूजर्स ने सब्सक्रिप्शन कैंसल कर दिए। इसी बीच प्लेटफॉर्म ने पासवर्ड शेयर करने के लिए दायरा भी परिभाषित किया है। पहली बार उसने यह स्पष्ट किया है कि घर के बाहर पासवर्ड शेयर नहीं किया जा सकता। घर यानी जहां सब्सक्राइबर रहता है।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें