ओम राउत
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
टूडी, थ्रीडी जैसी तकनीकी पक्ष को अगर अलग रखकर देखे तो फिल्म के पात्रों को जिस तरह से दिखया है। उसको भी लेकर काफी आलोचना हो रही है। सदियों से रामायण के पात्र की छवि जो हमारे मस्तिष्क पर है, 'आदिपुरुष' में ना तो राम की छवि वैसी दिखाई गई है और ना ही रावण की । ओम राउत कहते कहते है, 'यह फिल्म हमने आज की युवा पीढ़ी को ध्यान में रखकर बनाई है। जो मार्वल स्टूडियों की फिल्में देखते आए हैं। फिल्म के किरदार और वीएफएक्स को मैंने उन्हीं फिल्मों को ध्यान में रखकर किया है ताकि आज की युवा पीढ़ी को यह फिल्म पसंद आए।'