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कंगना समेत ये पांच सेलेब्स भी भीड़ हिंसा पर दे चुके बयान, नुसरत बोलीं-'ये खून खराबा बंद करें'

Fri, 26 Jul 2019 05:37 PM IST
anand anand एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Nusrat Jahan and Kangana Ranaut - फोटो : amar ujala
देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रही भीड़ हिंसा से चिंत्ता जाहिर करते हुए फिल्म निर्देशक अदूर गोपालकृष्णन और अनुराग कश्यप समेत 49 हस्तियों ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। चिठ्ठी में लिखा गया है, ''अफसोस की बात है कि 'जय श्री राम' आज एक भड़काऊ युद्ध बन गया है। भारत के बहुसंख्यक समुदाय में राम का नाम पवित्र हैं।

एक जनवरी 2009 से 29 अक्टूबर 2018 के बीच 254 धार्मिक पहचान आधारित हिंसा दर्ज की गई है। जबकि 2016 में दलितों पर अत्याचार के 840 मामले सामने आए हैं।'' इस पत्र के बाद बॉलीवुड के कई सितारे अब तक भीड़ हिंसा पर अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। हम आपको बताते हैं कि अब तक कौन-कौन से कलाकार ने भीड़ हिंसा पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। 
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Nusrat Jahan - फोटो : Social Media
नुसरत जहां
भीड़ हिंसा की घटनाओं के लेकर 49 हस्तियों के हस्ताक्षर वाली चिट्ठी पर तृणमूल कांग्रेस की सांसद नुसरत जहां ने एक ट्वीट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी थी। नुसरत जहां ने अपने ट्विटर हैंडल की हुई एक पोस्ट में लिखा- 'आज जहां हर कोई सड़क, बिजली, विमानन जैसे मुद्दों पर बात करने में व्यस्त है, मुझे इस बात की खुशी है कि हमारी सिविल सोसाइटी ने एक बहुत ही बुनियादी मुद्दा उठाया है, इंसान की जिंदगी। खैर मुझे हमारे नागरिकों से बहुत सारी उम्मीद है कि वह अपनी आवाज उठाएंगे और हमारा काम करेंगे।

नफरत के अपराध और भीड़ हिंसा की घटनाएं हमारे देश में बढ़ती जा रही हैं। 2014 से लेकर 2019 के बीच सबसे ज्यादा हिंसा की घटनाएं अनुसूचित जाति, मुसलमानों और पिछड़ों के साथ हुई हैं। 2019 से लेकर अब तक 11 ऐसी घटनाएं और 4 हत्याएं हो चुकी हैं और ये सारे अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक थे। सिर्फ इंसानियत के नाते, गाय के नाम पर, भगवान के नाम पर, किसी की दाढ़ी पर तो किसी की टोपी पर ये खून खराबा बंद करें। भगवान राम के नाम पर हत्याएं की जा रही हैं. पिछली साल सुप्रीम कोर्ट ऐसे मामले रोकने का आदेश दे चुका है लेकिन सरकार खामोश है।'
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Ashok Pandit - फोटो : social media
अशोक पंडित
भीड़ हिंसा की घटनाओं के लेकर 49 हस्तियों के हस्ताक्षर वाली एक चिट्ठी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी गई थी, जिसमें देश के अंदर नस्लीय और जातीय धार्मिक हिंसा पर नाराजगी जताई गई है। इसके बाद अब अशोक पंडित ने इन हस्तियों को बरसाती मेंढ़क बताया है। एक टीवी शो के दौरान अशोक पंडित ने कहा, '2019 में ये बरसाती मेढक बाहर आकर फिर से शोर मचा रहे हैं।

चुनाव से पहले इनसे कह दिया गया है कि निकलो बाजार में और देश को गालियां देना शुरू कर दो। ये लोग विदेशों में देश को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर हम अपने देश में जय श्री राम नहीं बोलेंगे तो कहां बोलेंगे।' अशोक पंडित ने पत्र लिखने वाली 49 हस्तियों को पेड एजेंट बताया और कहा कि जब भी चुनाव आने वाले होते हैं ये लोग मोदी सरकार के खिलाफ बोलना शुरू कर देते हैं।
 

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swara bhaskar - फोटो : file photo
स्वरा भास्कर 
इस मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर का बयान भी सामने आया। स्वरा विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर अपने मन की बात कहने के लिए जानी जाती है। ANI से बातचीत में स्वरा ने 49 हस्तियों का समर्थन किया। स्वरा ने इस मामले में अपनी राय जाहिर करते हुए कहा है कि 'मॉब लिंचिंग आज देश में एक महामारी बन गई है जो फैलती जा रही है और मुझे नहीं लगता कि हम अपने चेहरे को किसी कठोर वास्तविकता से दूर कर सकते हैं। इसका गलत मतलब निकालने का कोई मतलब नहीं है।

मेरा मानना है कि यह बहुत सराहनीय है कि हमारे देश में कलाकार, फिल्म निर्माता, लेखक लगे हुए हैं और समाज में जो कुछ भी हो रहा है उससे प्रभावित हैं। हमें एक मजबूत कानून की जरूरत है। मैं पिछले 3-4 वर्षों से भीड़ की हिंसा, भीड़ के मुद्दे पर बात करने की कोशिश कर रही हूं और यहां तक कि मानव सुरक्षा कानून के लिए भी कहा गया है। लेकिन यह दुखद है कि चीजें सुधरने के बजाय और खराब हो गई हैं।

स्वरा ने कहा, यह बहुत जरूरी है कि जहां इस तरह की घटनाएं होती हैं वहां के जिला अधिकारी इस मामले में पूरा ध्यान रखें। मुझे विश्वास है कि जो पीएम ऐसा करने की शक्ति रखते हैं, वे इस मामले को देखेंगे। हम एक ऐसे लोकतंत्र में रहते हैं जहां हर विचारधारा का स्वागत है।'
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anurag kashyap - फोटो : social media
अनुराग कश्यप
फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2019 और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण बिल (संशोधन) 2019 के संसद से पास होने पर अपनी राय रखी। उन्होंने आरोप लगाया था कि संसद में वही बिल पास हो रहे हैं जिनमें सरकार की भलाई है। अनुराग कश्यप ने ट्विटर पर लिखा- 'लोकसभा में बिल वही पास हो रहे हैं जिसमें सरकार का भला है और जो बिल नहीं बनाए जा रहे हैं, उसमें भी सरकार का भला है।

लोगों के भले के लिए कोई अमेण्डमेंट भी होना चाहिए। RTI अमेण्डमेंट बिल पास हो गया। आतंकवादी करार कर के 6 महीने कस्टडी में रखने का बिल पास हो गया। लिंचिंग के खिलाफ भी एक बिल पास हो जाए तो मजाल TMC के गुंडों की या मायनॉरिटीज की, कि वो ऐसा करें? सोचिए.. प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी मैं यही बात लिखी है।'
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Kangana Ranaut - फोटो : amar ujala mumbai
कंगना रनौत
भीड़ हिंसा के लगातार बढ़ते मामले के बाद बॉलीवुड इंडस्ट्री के कई बड़े नाम सामने आए और पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी। अब इन 49 लोगों की चिट्ठी के जवाब में कंगना रनौत समेत 61 सेलिब्रिटीज ने खुला खत लिखा है। चिट्ठी लिखने वालों में अभिनेत्री कंगना रनौत, गीतकार प्रसून जोशी, क्लासिकल डांसर और सांसद सोनल मानसिंह, वादक पंडित विश्व मोहन भट्ट, फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर और विवेक अग्निहोत्री शामिल हैं। खुला खत में लिखा है कि देश के 49 तथाकथित बुद्धिजीवियों ने एक बार फिर से चुनिंदा मामलों की ही आलोचना की है जो कि यह दर्शाता है कि राजनीतिक पूर्वाग्रह के चलते उन्होंने ऐसा किया। 
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