साउथ सिनेमा के मशहूर राजनेता और सुपरस्टार एन.टी रामा राव का जन्मदिन 28 मई को होता है। एन.टी रामा राव जितना अपनी फिल्मों को लेकर चर्चा में रहते थे उतनी ही सुर्खियां उन्होंने राजनीति में कदम रखने के बाद बटोरी थीं। इसी साल उनकी बायोपिक भी सिनेमा घरों में रिलीज हुई जो काफी चर्चा का विषय रही। उन्होंने करीब 300 से ज्यादा फिल्में की। एक्टिंग के अलावा उन्होंने कई फिल्मों की पटकथा लिखी और फिल्म निर्माता के तौर पर कई फिल्में बनाई भी हैं। भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए भारत सरकार ने रामाराव को साल 1968 में पद्मश्री से सम्मानित किया।
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तेलुगू के अलावा एनटीआर ने तमिल और हिंदी फिल्में भी कीं। उन्होंने फिल्मों में 17 बार कृष्ण का किरदार निभाया। बाद में एनटीआर ने पौराणिक फिल्में छोड़ ऐसे रोल करना शुरू कर दिया जिसका नायक व्यवस्था के खिलाफ लड़ता था। इस बीच आज हम आपको बताते हैं कि एन.टी रामा राव कैसे साउथ सिनेमा और राजनीतिक की बड़ी शख्सियत बने हैं।
रामा राव ने अपने करियर में एक कलाकार, निर्देशक और निर्माता के तौर पर काम किया था। इस दौरान उन्होंने काफी शोहरत बटोरी। फिल्मी दुनिया में नाम कमाने के बाद एन.टी रामा राव ने राजनीति में भी हाथ आजमाया। कुछ समय बात वह राजनीतिक के भी स्टार नेता बन गए और काफी लोकप्रिय बटोरी।
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NT Rama Rao
- फोटो : social media
एन.टी रामा राव साल 1949 में तेलुगु फिल्म 'मना देसम' से बतौर कलाकार अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने अपनी फिल्मी करियर में ज्यादातर धार्मिक फिल्में की। अधिकांश फिल्मों में वह हिंदू देवताओं का किरदार निभाते थे। इसके बाद साल 1961 में एन.टी रामा राव ने फिल्म 'सीतारमा कल्याणा' से निर्देशन की शुरुआत की। उन्होंने कई शानदार फिल्मों का निर्देशन किया। गौरतलब है कि उनके निर्देशन की आखिरी फिल्म 'सम्राट आशोका' थी।
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- फोटो : social media
एन.टी रामा राव के वैवाहिक जीवन पर नजर डालें तो 1942 में रामाराव ने अपने मामा की बेटी बासव तारकम से शादी की थी। एनटीआर के 8 बेटे और 4 बेटियां थीं। 1985 में उनकी पत्नी का निधन हो गया था। 1993 में 70 साल की उम्र में रामाराव ने तेलुगू लेखक लक्ष्मी पार्वती से शादी की थी लेकिन एनटीआर के परिवार ने लक्ष्मी को कभी भी स्वीकार नहीं किया। एनटीआर का पोता जूनियर एनटीआर साउथ की फिल्मों में जाना-माना नाम है।
राजनीतिक लिहाज से भी एन.टी रामा राव का करियर बेहद खास रहा। एन.टी रामा राव ने साल 1982 में राजनीतिक पार्टी तेलुगु देशम पार्टी की स्थापना की। इसके बाद 1983 में पहली बार, 1985 में दूसरी बार और 1994 में तीसरी बार आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री बने। राजनीतिक जीवन में रामाराव को काफी मुश्किल भरे दिन देखने पड़े। दामाद चंद्रबाबू नायडू ने एनटीआर को सीएम और पार्टी अध्यक्ष दोनों पदों से हटा दिया था। अपनी दूसरी पत्नी लक्ष्मी पार्वती के साथ रामाराव एक तरफ थे और दूसरी तरफ उनका भरापूरा परिवार उनके खिलाफ था। उन्होंने 18 जनवरी, 1996 को हैदराबाद में 72 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली।