मनोज बाजपेयी, सिद्धार्थ मल्होत्रा स्टारर फिल्म 'अय्यारी' शुक्रवार को रिलीज हो गई। भारत में जहां फिल्म को काफी सराहा जा रहा है तो वहीं पाकिस्तान में फिल्म को बैन कर दिया गया। 'अय्यारी' कोई पहली फिल्म नहीं जिसे पाकिस्तान ने अपने अजीबो गरीब तर्क देकर बैन कर दिया हो। पाकिस्तान अपने यहां बॉलीवुड की ऐसी कोई भी फिल्म रिलीज करने की इजाजत नहीं देता, जिसमें हिन्दुस्तान की तारीफ और गुणगान का बखान किया हो। आइए जानते हैं ऐसे ही 8 फिल्मों के बारे में...
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पैडमैन (2018)
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सामाजिक मुद्दों पर बनी बेहद संवेदनशील फिल्म 'पैडमैन' को पाकिस्तान में ये कह कर बैन कर दिया गया कि यह फिल्म उनके मुल्क की सभ्यता और संस्कृति के खिलाफ है। इतना ही नहीं इस फिल्म को बैन करने के पीछे यह भी तर्क दिया जा रहा है कि उनके धर्म में जिन विषयों को वर्जित किया गया है उन्हें सिनेमा घर में नहीं दिखाया जा सकता।
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दंगल (2017)
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राष्टीय गान और भारत के झंडे को ज्यादा सम्मान देना शायद तक पाकिस्तान को हजम नहीं हुआ। इसी कारण पाकिस्तान सेंसर बोर्ड ने इस पर भी रोक लगा दी। 'दंगल' को पाकिस्तान में रिलीज करने से पहले वहां के सेंसर बोर्ड ने दो सीन हटाने को कहा था। मगर आमिर ने इन दृश्यों को काटने से इंकार कर दिया था। पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म से भारतीय राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान से जुड़े दो सीन हटाने को कहा था, लेकिन आमिर ने इस शर्त पर कहा कि, उनकी फिल्म पाकिस्तान में रिलीज नहीं होगी।
नीरजा (2016)
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साल 1986 में हुए भारतीय फ्लाइट पैन एम 73 पर आधारित यह फिल्म सच्ची घटना को बखूबी पर्दे पर उतारती है। बहादुर एयर होस्टेस नीरजा भनोट का किरदार सोनम कपूर ने बखूबी निभाया। जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया। फिल्म में पाकिस्तान की बुरी छवि दिखाई जाने के कारण इसे बैन कर दिया गया था।
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नाम शबाना (2016)
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पाकिस्तान सेंसर बोर्ड ने आपत्तिजनक दृश्यों को लेकर बॉलीवुड की एक्शन थ्रिलर फिल्म 'नाम शबाना' के प्रदर्शन पर रोक लगाई थी। हालांकि, शुरुआत में उसने कुछ दृश्यों पर कैंची चलाने के साथ इस फिल्म को रिलीज करने की अनुमति दी थी। लेकिन इस्लामाबाद में एक सिनेमाघर ने दृश्यों में अनिवार्य कांट-छांट के बिना फिल्म प्रदर्शित की जिसके कारण इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया। 'नाम शबाना' साल 2015 में आई फिल्म 'बेबी' का प्रीक्वेल थी। फिल्म में अक्षय कुमार, तापसी पन्नू, अनुपम खेर, मधुरिमा तुली और डैनी डेंजोग्पा के साथ मनोज वाजपेयी फिल्म का नया चेहरा थे।
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बेबी (2015)
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साल 2015 में रिलीज हुई इस फिल्म में अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में थे। जो स्पेशल ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान जाकर 'हाफिज सईद' से मिलते-जुलते कैरेक्टर को भारत उठाकर लाने में सफल रहते हैं। नीरज पांडे के निर्देशन में बनी इस फिल्म का कुल बजट 58.97 करोड़ था। जिसने बॉक्सऑफिस पर 143 करोड़ का कारोबार कर डाला। बेहद सफल रही इस फिल्म को पाकिस्तान में प्रतिबंधित कर दिया गया।
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रांझणा (2013)
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धनुष, सोनम कपूर और अभय देओल स्टारर इस फिल्म को आनंद एल. राय ने डायरेक्ट किया था। रोमेंटिक प्लॉट पर बनी यह फिल्म अच्छी हीट साबित हुई थी। मगर इसे पाकिस्तान में प्रदर्शित नहीं किया गया। दलील दी गई कि सोनम कपूर इसमें एक मुस्लिम लड़की का रोल प्ले कर रहीं हैं और क्योंकि उसे कुंदन (धनुष) से प्यार हो जाता है, इसलिए यह पाकिस्तान में प्रदर्शित करने योग्य नहीं। मुसलमान लड़की का हिंदु लड़के से प्यार करना पाकिस्तान को कितना नागवार गुजरा यह महज उसकी एक बानगी भर थी।
द अटैक्स ऑफ 26/11 (2013)
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2008 में देश पर हुए सबसे बड़े आतंकी हमले 26/11 हमले पर बनी सबसे पहली फिल्म 'द अटैक्स ऑफ 26/11' को रामगोपाल वर्मा ने डायरेक्ट किया था। हालांकि फिल्म को बहुत भारी सफलता नहीं मिली। लेकिन आतंकी कसाब का रोल निभाने वाले संजीव जयसवाल ने अपने एक्टिंग से एक खास छाप छोड़ी थी। फिल्म में नाना पाटेकर ने भी ऑफिसर के रूप में न्याय किया। इस फिल्म का डायरेक्शन बेहद करीबी से किया गया था, क्योंकि पाकिस्तान ने हमेशा ही मुंबई हमलों से खुद को दूर बताया था। शायद यही वजह रही कि पाकिस्तान में फिल्म को बैन झेलना पड़ा।
भारत में 188 करोड़ रुपये का बिजनेस करने वाली ये फिल्म पाकिस्तान के लोग नहीं देख पाए। दरअसल, इस फिल्म में कटरीना कैफ ने एक आईएसआई एजेंट का रोल प्ले किया है। इसी कारण सेंसर बोर्ड ने फिल्म पर रोक लगा दी।