नीरज काबी
- फोटो : Amar Ujala, Mumbai
अमर उजाला के साथ हुई एक खास बातचीत में नीरज काबी कहते हैं, 'सिनेमा में हमेशा से बदलाव होते रहे हैं, और यह भी एक बदलाव का ही दौर है, जो बहुत ही जल्द समाप्त होता नजर आ रहा है। शुरुआत में जब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स भारत में लॉन्च हुए, तो शायद निर्माता, निर्देशक और लेखक पहले से भरे बैठे थे, जिन्होंने एक साथ वयस्क सामग्री की बरसात कर दी। शुरुआत में लोगों को अच्छा लगा, लेकिन अब लोग इससे धीरे-धीरे ऊबते जा रहे हैं। बहुत ही जल्द यह चीजें सिनेमा से खारिज कर दी जाएंगी।'