neena gupta
- फोटो : Instagram-@neena_gupta
नीना गुप्ता कहती हैं, 'यह करते-करते सालों हो गए। तो अभी मुक्तेश्वर में वायरस के समय जब वहां बैठी थी मैं 5 महीने, तो मैंने लिख दी। अब पता नहीं, लोग पढ़ेंगे कि नहीं पढ़ेंगे! कैसी लगेगी? पर मैंने लिख दी। पेंगुइन इसको प्रकाशित कर रहा है। एक प्रक्रिया होती है उनकी। तो चार से पांच महीने लगेंगे आप तक पहुंचने में। जब पहुंचे भी तो पढ़ लेना। किताब है। बोर होंगे तो छोड़ देना। पर मैंने लिख दी। इसका नाम है 'सच कहूं तो'।'