साथ साथ में नीना गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
रमन कुमार, विनोद पांडे, कुंदन शाह, श्याम बेनेगल और शशि कपूर जैसे निर्देशकों के साथ काम करने के बाद काशवी जैसे नई पीढ़ी के निर्देशकों के साथ काम करने में क्या अंतर महसूस करती हैं?
आपने जो सारे नाम जो गिनाए उसमें से लीड रोल सिर्फ काशवी ने दिया है। अब टाइम बहुत फर्क हो गया है। डायरेक्टर बहुत फर्क तरह से सोचते हैं। श्याम बेनेगल की फिल्म में मैने कभी लीड रोल नहीं किया। सारे लीड रोल शबाना को जाते थे, स्मिता को जाते थे और जो थोड़े छोटे रोल उनसे होते थे वे दीप्ति को जाते थे। मेरे लिए यही होता था कि इसको यही देना है। अभी भी है कि जैसा आपने किया है वैसा ही रोल देते रहते हैं। मैंने ये सीखा है। मुझसे जो सबसे बड़ी गलती फिल्म ‘साथ साथ’ में हुई, वह मैं बताना चाहती हूं कि ताकि दूसरे लोग वह गलती ना करें।