नवाजुद्दीन सिद्दीकी
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
जमाना बदल रहा है। जमाने की सोच बदल रही है, और बदल रहे हिंदी सिनेमा के वे अंदाज जिनके मुताबिक कभी ‘एक लड़का और एक लड़की कभी दोस्त नहीं हो सकते’। लेकिन, इक्कीसवीं सदी में लड़का और लड़की बिना प्यार किए साथ रह सकते हैं, साथ घूम सकते हैं, साथ मस्ती कर सकते हैं और सोच एक सी हो तो हमबिस्तर भी हो सकते हैं। इन्हीं बदले पैमानों पर हिंदी सिनेमा में फिल्में बनाने का नया ट्रेंड ‘कॉकटेल’ जैसी फिल्मों से रफ्तार पकड़ चुका है।