good luck sakhi
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ये है फिल्म की कहानी-
फिल्म 'गुडलक सखी' एक खुशमिजाज लड़की सखी पामार (सुरेश) की कहानी है, जो रायलसीमा क्षेत्र में बंजारा जनजाति से है। सखी को लोग " बैड लक सखी" के नाम से बुलाते हैं क्योंकि ग्रामीण किसी भी स्थिति में सखी की उपस्थिति को एक अपशगुन मानते हैं, क्योंकि शादी से ठीक पहले उसके मंगेतर की अचानक मौत हो जाती है। कहानी में ट्विस्ट आता है जब "एक कर्नल (बाबू) गांव में आता है, जो एक होनहार निशानेबाज की तलाश में है, जिसे वह बड़े मंच के लिए तैयार करना चाहता है। उसके बाद, सखी राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने के लिए निशानेबाजी का प्रशिक्षण लेना शुरू कर देती है। फिल्म में सखी यानी कीर्ति सुरेश की निशानेबाज बनने की कहानी दिखाई गई है।