फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mulraj Rajda: सिनेमा में मूलराज राजदा का रहा विशेष योगदान, रामायण में महाराज जनक के किरदार से मिली थी पहचान

Mon, 13 Nov 2023 08:35 AM IST
आकांक्षा गुप्ता एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

मूलराज राजदा एक जाने-माने अभिनेता और बेहतरीन निर्देशक थे। बता दें कि निर्देशक होने के साथ ही वह एक बेमिसाल लेखक भी थे। सिनेमा में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
विज्ञापन
1 of 5
मूलराज राजदा - फोटो : सोशल मीडिया
सिनेमा की दुनिया में कई ऐसी दिग्गज हस्तियां हैं, जिन्होंने न सिर्फ अपने अभिनय से बल्कि अन्य प्रतिभाओं से भी लोहा मनवाया है। इन्हीं में से एक नाम मूलराज राजदा का है। उन्होंने अपने शानदार अभिनय से लोगों के दिलों पर राज किया है। आज 13 नवंबर को मूलराज राजदा की जन्मतिथि है। अभिनेता ने हिंदीके साथ-साथ गुजराती फिल्मों में भी काम किया है। इसके अलावा टेलीविजन शोज के साथ-साथ उन्होंने थिएटर में भी काम किया था। उन्होंने गुजराती सिनेमा के सबसे बेहतरीन कलाकारों में से एक माना जाता है। आइए आज उनकी जन्मतिथि के मौके पर उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
मूलराज राजदा - फोटो : insta
मूलराज राजदा एक जाने-माने अभिनेता और बेहतरीन निर्देशक थे। बता दें कि निर्देशक होने के साथ ही वह एक बेमिसाल लेखक भी थे। सिनेमा में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अपने पांच दशक से अधिक के करियर में मूलराज राजदा ने 50 से ज्यादा फिल्मों और धारावाहिकों में अभिनेता, लेखक और निर्देशक के रूप में योगदान दिया। रामानंद सागर की रामायण में मूलराज राजदा महाराज जनक के किरदार में नजर आए थे। 
विज्ञापन

3 of 5
राजा जनक के किरदार में मूलराज राजदा - फोटो : social media
मूलराज राजदा ने कई धार्मिक सीरीयल्स में बेहतरीन किरदार अदा किए थे। उन्होंने धारावाहिक विश्वामित्र में वशिष्ठ का किरदार निभाया था इसके अलावा वह बी आर चोपड़ा की कई अन्य कृतियों में भी दिखाई दिए, जिनमें विक्रम बेताल भी है। वहीं उन्होंने रामानंद सागर की रामायण में माता सीता के पिता महाराज जनक का किरदार निभाया था और इस भूमिका से उन्हें काफी ख्याति प्राप्त हुई थी।

4 of 5
रामानंद की रामायण में मूलराज राजदा - फोटो : insta
वहीं, उनके लेखन में योगदान की जाए तो मूलराज राजदा (1973) में 'ताजा खबर', 'जय शाकंभरी मां' (1989), 'जय श्री स्वामीनारायण' (2002) को लिखने के लिए पहचाने गए। इसके अलावा उन्हें 'जेसल तोरल' (1971), 'नागिन' और 'सुहागिन' (1979), 'अमन लक्ष्मी' (1980), 'रामायण' (1987), 'दिल ही तो है' (1992), 'ब्योमकेश बख्शी' (1993), 'क्रांतिवीर' (1994), 'विश्वामित्र' (1995), 'लहू के दो रंग' (1997), 'मृत्युदाता' (1997), 'बूंद' (2001) और 'रीत-रिवाज' (2009) के लिए जाने गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
मूलराज राजदा - फोटो : social media
बता दें कि मूलराज राजदा के बेटे समीर ने 'रामायण' में शत्रुघ्न का किरदार निभाया था। रामायण के अलावा मूलराज महाभारत में नजर आए थे। इस शो में उन्होंने गंधर्व राज का किरदार निभाया था। मूलराज राजदा ने मुंबई में 23 सितंबर 2012 को इस दुनिया से अलविदा कह दिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें