mukesh ambani
- फोटो : instagram
इस प्रदर्शनी में 30 प्रकार से भी ज्यादा कपड़ा और बुनाई की कलाकारी देखने को मिलेगी जो कांजीवरम, पटोला से होंगी। इसके साथ ही फोकटेल्स और स्थानीय कलाकार प्राचीन पेंटिंग जैसे गौंद, मधुबनी, फाड़, वर्ली और थंगका का चित्रण करेंगे। वहीं, देश के कई हिस्सों से बुनकर, कुम्हार और शिल्पकार अपनी कला और संस्कृति से इस प्रदर्शनी को और भी बड़ा बनाएंगे जो उनकी आजीविका का बड़ा सहारा बनेगी।