मुगल-ए-आजम
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मुगल-ए-आजम को बनाने के दौरान के. आसिफ को बहुत सी रुकावटों का सामना करना पड़ा। इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि लगातार 14 सालों तक फिल्म का निर्माण चलता रहा। यह फिल्म पूरे हिंदुस्तान में ही नहीं पाकिस्तान, इटली, जापान, अमेरिका, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया में भी अलग-अलग भाषाओं में रिलीज हुई। करीब डेढ़ करोड़ की लागत से बनी इस फिल्म ने कुछ सालों बाद ही करोड़ों रुपये कमा लिए थे।