मनोरंजन का बदल रहा स्वरूप
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ज्यादातर लोगों का यही मानना है कि फिल्मों के फ्लॉप होने पर कलाकारों और प्रोड्यूसर का नुकसान होता है, लेकिन असल में कहानी इसके बिल्कुल विपरीत है। दरअसल, फिल्म की नाकामयाबी का खामियाजा प्रोड्यूसर नहीं बल्कि इसके डिस्ट्रीब्यूटर को झेलना पड़ता है। फिल्मों के फ्लॉप होने का सबसे ज्यादा असर सैटलाइट राइट्स, डिजिटल राइट्स खरीदने वाले और डिस्ट्रीब्यूटर पर पड़ता है। उदाहरण के लिए आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा के फ्लॉप होने का असर नुकसान वायकॉम 18 को झेलना पड़ रहा है।