मिथुन चक्रवर्ती
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इसे मिथुन की मेहनत का नतीजा कहें या उनकी मेहनत का फल कि जिस साल मिथुन की फिल्म ‘सुरक्षा’ रिलीज हुई, उसी साल जेम्स बॉन्ड सीरीज की एक फिल्म ‘ऑक्टोपसी’ की शूटिंग भी भारत में हो रही थी। हॉलीवुड सितारे किसी दूसरे देश के पत्रकारों से मुखातिब होते हैं तो वहां की कुछ लोकप्रिय चीजों के बारे में पहले से रिसर्च करके रखते हैं। उदयपुर में जेम्स बॉन्ड बने अभिनेता रोजर मूर से हिंदी फिल्मों बारे में पूछा गया तो उन्होंने नाम लिया मिथुन चक्रवर्ती का। मूर ने मिथुन को इंडियन जेम्स बॉन्ड कहा। रोजर मूर के इस बयान ने मिथुन का नाम रातोंरात मशहूर कर दिया। मिथुन ने नाचने का अपना एक अलग अंदाज विकसित किया था। बेल बॉटम की मोहरी में चेन का आधा हिस्सा सिलवाने का फैशन यहीं से शुरू हुआ और यहीं से छोकरों ने मोटे सोल वाले जूते भी पहनने शुरू किए। जो अमिताभ, राजेश खन्ना, जीतेंद्र, धर्मेंद्र के फैन थे, वे मिथुन के फैन्स से जलते थे। लेकिन, सिनेमा में समाजवाद मिथुन से ही शुरू हुआ माना जाता है। वह सर्वहारा समाज के हीरो बने। फुटपाथ से उठकर हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार बन जाने वाले मिथुन अब तक के आखिरी हीरो हैं।