फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बॉलीवुड में काम दिलाने वाले के साथ अमिताभ ने किया था ऐसा सलूक, मरते दम तक नहीं भूल पाए

Sat, 29 Sep 2018 08:05 AM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
mehmood
महमूद हिंदी सिनेमा के लीजेंड एक्टर्स में से एक माने जाते हैं। 29 सितंबर 1932 को जन्मे महमूद इकलौते ऐसे कॉमेडी एक्टर थे जिनका कद हीरो से भी ऊपर होता था। महमूद हमेशा से अपनी जिंदादिल अंदाज के लिए जाने जाते थे। उस दौर में उन्हें फिल्म के हीरो से ज्यादा फीस दी जाती थी। यही नहीं फिल्म को हिट कराने के लिए पोस्टर पर महमूद का फोटो लगाना बेहद जरूरी होता था। सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचने वाले महमूद को जब भी मौका मिलता किसी की मदद करने में कभी पीछे नहीं रहते थे। बॉलीवुड में कई ऐसे एक्टर हैं जिनकी जिंदगी महमूद ने बदल दी।
विज्ञापन

2 of 5
mehmood
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन महमूद को अपना दूसरा पिता कहते थे हालांकि एक बार ऐसा हुआ जिससे महमूद को गहरा धक्का लगा था। एक इंटरव्यू में महमूद ने कहा था, 'आज मेरे बेटे के पास फिल्मों की लाइन लगी है। जिस आदमी के पास सक्सेस होती है उसके दो पिता होते हैं एक जिसने पैदा किया और दूसरा जिसने सफलता तक पहुंचाया। मैंने उसकी काफी मदद की। कई फिल्मों में काम दिलाया। उसे मैंने अपने घर में रहने के लिए जगह दी।'
विज्ञापन

3 of 5
mehmood
'वैसे तो अमित मेरी बहुत इज्जत करता है लेकिन उसकी एक हरकत से मुझे गहरा धक्का सा लगा। उसके पिता हरिवंशराय बच्चन गिर गए थे तो उन्हें देखने के लिए मैं अमिताभ बच्चन के घर गया लेकिन जब मेरा बाइपास सर्जरी हुआ तो अमिताभ अपने पिता के साथ ब्रीच कैंडी अस्पताल तो आया लेकिन वो मुझे देखने नहीं आया। अमिताभ ने वहां साबित कर दिया कि असली पिता असली होता है जबकि नकली पिता नकली।'

4 of 5
mehmood
जुलाई 2004 में महमूद के निधन पर अमिताभ बच्चन ने लिखा था कि 'एक एक्टर के तौर पर स्थापित करने में उन्होंने हमेशा मदद की। महमूद भाई मेरे करियर के शुरुआती ग्राफ में मदद करने वालों में से थे। वो पहले प्रोड्यूसर थे जिन्होंने मुझे लीड रोल दिया था – ‘बॉम्बे टू गोवा’ में। लगातार कई फिल्मों के फ्लॉप होने के बाद मैंने वापस घर जाने का प्लान बना लिया तब महमूद साहब के भाई अनवर ने मुझे रोका।'
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
mehmood
'बॉम्बे टू गोवा' फिल्म का एक मजेदार किस्सा है। अमिताभ बच्चन और महमूद के बीच का एक गाना था 'देखा ना हाय रे सोचा ना'। महमूद चाहते थे कि अमिताभ उस गाने पर डांस करें। अमिताभ को नाचना ही नहीं आता था, फिर क्या था उन्होंने महमूद से कहा 'भाईजान मुझसे डांस नहीं हो पाएगा, मुझे नाचना नहीं आता' लेकिन महमूद का दिल नहीं पिघला और उन्होंने कहा कि जो चल सकता है वो नाच भी सकता है और अमिताभ के लाख गिड़गिड़ाने के बाद भी महमूद ने उनसे डांस करवाया और ये गाना सुपरहिट हुआ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें