फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Manoj Bajpayee: मैं पर्दे पर हीरो की तरह नहीं दिखना चाहता, सिर्फ एक बंदा काफी है के ट्रेलर लॉन्च पर बोले मनोज

Mon, 08 May 2023 07:28 PM IST
साक्षी पांडेय अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
विज्ञापन
1 of 5
सिर्फ एक बंदा काफी है, ट्रेलर लॉन्च - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
किसी भी किरदार को अपने अंदर समा लेने वाले दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी की फिल्म 'सिर्फ एक बंदा काफी है' का ट्रेलर सोमवार को भव्य तरीके से रिलीज कर दिया गया है। ट्रेलर लॉन्च के दौरान फिल्म के बारे में बात करते हुए मनोज बाजपेयी ने बताया कि वह किरदार के जरिए कभी भी हीरो बनने की कोशिश नहीं करते हैं। और ये भी बताया कि कैसे फिल्म 'सिर्फ एक बंदा काफी है' की स्क्रिप्ट पढ़ कर उनको अपने पिता होने का दायित्व याद आया।
विज्ञापन

2 of 5
सिर्फ एक बंदा काफी है, ट्रेलर लॉन्च - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई

आसाराम बापू को जेल भिजवाने वाले वकील पूनम चंद सोलंकी के संघर्ष पर बनी इस फिल्म के बारे में ट्रेलर लॉन्च पर मनोज बाजपेयी ने कहा, 'ऐसे मुद्दे पर बनी फिल्म पर जोखिम लेने का मेरा एक ही कारण था। जब मुझे इसके निर्देशक अपूर्व ने ये कहानी सुनाई तो मुझे लगा कि इसको तो मैं बिल्कुल भी न नहीं कह सकता हूं। एक बेटी का पिता होने के नाते इस फिल्म की कहानी ने मुझे अपनी ओर आने के लिए मजबूर कर दिया। आमतौर पर मैं अपनी कहानियों में कई तरह के बदलाव करता हूं लेकिन इसके साथ में ऐसा नहीं कर सकता था क्योंकि जरा से बदलाव से ही कहानी मुद्दे से भटक सकती है।'

विज्ञापन

3 of 5
सिर्फ एक बंदा काफी है, ट्रेलर लॉन्च - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई

सिनेमा के जरिए समाज में बदलाव की बात करते हुए मनोज बाजपेयी ने कहा, 'मेरा मानना है कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं होता है। सिनेमा के जरिए हम समाज को बहुत सी छोटी बड़ी चीजों को लेकर जागरूक कर सकते हैं। सिनेमा हमको बताता है कि कैसे हमको जीना चाहिए और किन लोगों के लिए हमको जीना चाहिए। फिल्म 'सिर्फ एक बंदा काफी है' आपको सिर्फ मनोरंजन या जानकारी ही नहीं देगी बल्कि इस फिल्म के जरिए आप जीवन की एक बड़ी सीख सीखेंगे कि कैसे एक आम आदमी पूरे सिस्टम के खिलाफ खड़ा हो गया था?'

4 of 5
सिर्फ एक बंदा काफी है, ट्रेलर लॉन्च - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई

किरदार की अपनी तैयारी के बारे में बात करते हुऐ मनोज ने कहा, 'जब भी मैं किसी आम व्यक्ति का किरदार करता हूं तो मेरे लिए सबसे जरूरी है कि मैं अपना नजरिया भी उस किरदार में डाल सकूं। इसके लिए यह जरूरी नहीं है कि मैं व्यक्ति से मिलूं तभी काम होगा। मेरी कोशिश होती है कि मैं अपने किरदार की कमजोरियों को भी समझूं जिससे वह हीरो न लगे। किसी भी किरदार को करते समय मेरी कोशिश हीरो दिखने की नहीं होती है। अगर मैं एक आम व्यक्ति का किरदार कर रहा हूं तो उसकी कमजोरियां भी दिखाना चाहता हूं। और तभी वह फिल्म, वह सीन खूबसूरत बनता है। फिल्म 'सिर्फ एक बंदा काफी है' के लिए मैं पूनम चंद सोलंकी से शूटिंग के दो दिन पहले मिला पर मेरी तैयारी पहले से ही थी।'

विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सिर्फ एक बंदा काफी है, ट्रेलर लॉन्च - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
फिल्म 'सिर्फ एक बंदा काफी है' 23 मई को जी5 रिलीज होगी। अपूर्व सिंह कार्की के निर्देशन में बनी इस फिल्म को दीपक किंगरानी ने लिखा है। फिल्म एक वास्तविक घटना पर आधारित है। फिल्म में मनोज बाजपेयी पूनम चंद सोलंकी नामक एक वकील के किरदार में देखने को मिलेंगे। सोलंकी ने एक 16 साल की लड़की को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।


 
यह भी पढ़ें-  
Shiv Shakti: छोटे परदे पर फिर होने जा रहा हर हर महादेव का जयघोष, इस बार राम ने धरा जटाधारी का स्वरूप
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें