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Manju Sharma: क्षेत्रीय सिनेमा में वेशभूषा का सबसे अधिक महत्व, खास बातचीत में किया अगली योजनाओं का खुलासा

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मंजू शर्मा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
दक्षिण भारतीय सिनेमा में कथानक, कथ्य और किरदारों के रहन सहन को लेकर हो रहे लगातार प्रयोगों के बीच बदलाव की एक किरण उत्तर भारत के क्षेत्रीय सिनेमा में भी दिखने लगी है। आमतौर पर देश विदेश में उत्तर भारत के पंजाबी सिनेमा की ही धूम रहती है लेकिन हालिया रिलीज फिल्मों ‘दादा लखमी’ और ‘फौजा’ ने हरियाणवी सिनेमा को भी एक नई सूरत बख्शी है। हरियाणवी म्यूजिक वीडियोज और फिल्मों में लगातार सक्रिय फैशन डिजाइनर मंजू शर्मा का मानना है कि क्षेत्रीय फिल्मों में फैशन को कहानी कहने के तरीके में शामिल करने की बात धीरे धीरे फिल्म निर्देशकों को समझ आ रही है और वह इस बात को भी मानती हैं कि क्षेत्रीय फिल्मों के सितारे भी काफी हद तक युवाओं के फैशन को प्रभावित करते हैं।
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मंजू शर्मा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
एक खास बातचीत में मंजू शर्मा कहती हैं, ‘क्षेत्रीय सिनेमा में फैशन और रहन सहन को लेकर हाल के दिनों में सजगता बढ़ी है। ये सच है कि उत्तर भारत में काफी हद तक पंजाबी सिनेमा का ही बोलबाला रहा है। चूंकि ये लंबे समय से बनता आ रहा है लिहाजा ये लाजिमी भी है। लेकिन, हरियाणवी सिनेमा में भी इस दिशा में नए सिरे से काम शुरू हुआ है और इसमें पेशेवर लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। हरियाणवी सिनेमा में अब तक कॉस्ट्यूम्स और फैशन पर कम ही ध्यान दिया गया लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और आने वाले समय में इसमें काफी बदलाव देखने को भी मिलेंगे।’
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मंजू शर्मा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
ये पूछे जाने पर कि क्षेत्रीय सिनेमा किस हद तक युवाओं को प्रभावित करता है? मंजू शर्मा कहती हैं, ‘आमतौर पर धारणा यही रही है कि देश में फैशन को प्रभावित करने में सबसे बड़ा हाथ हिंदी फिल्मों के सितारों का ही रहता है जबकि हकीकत ऐसी है नहीं। तमिल, तेलुगू, मलयालम और कन्नड़ सिनेमा जैसा ही प्रभाव पंजाबी और हरियाणवी सिनेमा का भी होता है। भोजपुरी सिनेमा में तो आम तौर पर हिंदी सिनेमा की ही नकल करने का प्रयास अधिक दिखता है लेकिन पंजाबी सिनेमा का प्रभाव इस क्षेत्र के युवाओं में बहुत अधिक दिखता है।’

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मंजू शर्मा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
पंजाबी सिनेमा और हरियाणवी सिनेमा के दिग्गज सितारों और फैशन आइकन की चर्चा चलने पर मंजू शर्मा बताती हैं, ‘पंजाबी सिनेमा की हाल के दशकों में अंतर्राष्ट्रीय विस्तार बहुत अच्छे तरीके से होने के चलते इसके सितारों मसलन दिलजीत दोसांझा, जस्सी गिल, एमी विर्क, सोनम बाजवा, नीरू बाजवा और शरगुन मेहता आदि का खासा असर युवक-युवतियों पर दिखता है। इनके फैशन को युवा खूब फॉलो करते हैं। जहां तक हरियाणवी सिनेमा की बात है तो इसकी स्टार अब भी सपना चौधरी ही हैं। इनके अलावा अजय हुड्डा, अमित सैनी रोहतकिया, एन डी कुंडू, बिंदर डंडोआ, प्रांजल दहिया और अंजली राघव जैसे सितारों ने हरियाणा में अपना खासा प्रभाव बनाया है और इनके अपनाए फैशन को क्षेत्र के युवा भी खूब अपनाने लगे हैं।’
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पवन मल्होत्रा के साथ मंजू शर्मा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
हालिया रिलीज फिल्म ‘फौजा’ में अपने साथी तकनीशियन अश्वनी प्रजापति के साथ मंजू शर्मा ने कलर पैलेट और दृश्य संयोजन में रंगों के प्रभाव को लेकर खासे प्रभावित करने वाले प्रयोग किए हैं। अपनी पसंद के बारे में पूछे जाने पर मंजू शर्मा कहती हैं, ‘हरियाणवी सिनेमा में लोग अब भी एक फैशन डिजाइनर के महत्व को ज्यादा समझते नहीं है। कॉस्ट्यूम पर काम करने के लिए ज्यादा समय भी नही मिलता। लेकिन, समय के साथ साथ इस फिल्म इंडस्ट्री में भी बदलाव आ रहा है और मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में हरियाणवी भाषा में भी कहानी के अनुसार कॉस्ट्यूम को महत्व देने का सिलसिला चल निकलेगा।’ फिल्म ‘फौजा’ में अपने काम को मिली तारीफ के लिए मंजू फिल्म के निर्माता और निर्देशक का आभार जताती है और कहती हैं, ‘पारिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के बाद मैं फिर से फैशन जगत में सक्रिय हुई हूं और अगले महीने मेरा मुंबई आकर हिंदी सिनेमा में भी काम शुरू करने का इरादा है।’
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