निर्देशक अमित शर्मा की फिल्म ‘मैदान’ के बाद अब निर्देशक हरीश शर्मा ने भी एक फुटबॉल कोच की जिंदगी के बारे में दुनिया को बताने की ठानी है। अमित की फिल्म 1952 से 1962 के बीच भारतीय फुटबॉल को बुलंदियों पर ले जाने वाले सैयद अब्दुल रहीम की कहानी कहती हैं, वहीं हरीश शर्मा की फिल्म के हीरो हैं भैरव दत्त, जिन्हें गरीब बच्चे फुटबॉल का मसीहा कहते हैं। और, ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी फुटबॉल की पाठशाला में फुटबॉल सीखने आने वाले बच्चों में कोई रेहड़ी लगाता है, कोई फुटपाथ पर सब्जी बेचता है तो कोई कुछ और काम..।