फिल्म 'पद्मावती' को लेकर विवाद जारी है। लड़ाई कोर्ट तक पहुंच चुकी है। फिल्म की कई बड़े नेता भी जमकर आलोचना कर रहे हैं। ताजा मामला महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री जयकुमार रावल का है।
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उन्होंने मांग की है कि संजय लीला भंसाली की इस फिल्म से आपत्तिजनक सीन हटाए जाएं। उन्होंने ये भी कहा कि अगर पूरी फिल्म इतिहास के मुताबिक नहीं है तो इसे बैन कर देना चाहिए। जयकुमार रावल ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) को भी एक पत्र लिखा है।
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जिसमें उन्होंने कहा है कि यह फिल्म जांच के लिए बनी विशेषज्ञ इतिहासकारों की समिति को दिखाई जाए। उन्होंने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि अगर इस फिल्म में तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है, तो इसे बैन किया जाना चाहिए।
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पद्मावती
- फोटो : amar ujala
आपको बता दें कि इससे पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फिल्म को मध्यप्रदेश में बैन करने की बात कही थी। तो वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने भी संजय लीला भंसाली की फिल्म को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जितने सिर मांगने वाले दोषी हैं, उतने ही संजय लीला भंसाली भी दोषी हैं क्योंकि उन्हें इतिहास से छेड़छाड़ करने की आदत सी पड़ गई है।
आपको बता दें कि पद्मावती को लेकर करणी सेना और कुछ अन्य कई संगठन संजय लीला भंसाली पर ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए फिल्म की रिलीज का विरोध कर रहे हैं। पद्मावती फिल्म पहले 1 दिसंबर को रिलीज होनी थी, लेकिन राजपूत समाज, नेताओं, क्षत्रिय संगठनों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के मद्देनजर फिल्म की रिलीज डेट को टालना पड़ा।