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इस एक लाइन को शूट करने 27 बार मुंबई से बेंगलुरु गए थे 'शोले' के 'सांभा', यहां पढ़ें पूरा किस्सा

Thu, 25 Mar 2021 08:54 AM IST
स्वाति सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Mac Mohan - फोटो : Social Media
'पूरे पचास हजार...' इस एक लाइन से ये एक शख्स अमर हो गया। जी हां, शोले में सांभा का किरदार भला कौन भूल सकता है। एक्टर मैकमोहन को आज भी लोग उनके इस किरदार की वजह से जानते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते होंगे की इन तीन शब्दों को डायलॉग को शूट करने के लिए मैक लगभग 27 बार मुंबई से बेंगलुरु गए थे।  
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मैक मोहन - फोटो : सोशल मीडिया
यूं तो मैक मोहन डॉन, कर्ज, सत्ते पे सत्ता, जंजीर, रफूचक्कर, शान, खून पसीना जैसी कई फिल्मों में भी शानदार काम करते हुए नजर आए लेकिन जो शोहरत उन्हें 'शोले' से मिली, उसी ने उन्हें अमर कर दिया। फिल्म 'शोले' में सांभा यानी मैक मोहन ने सिर्फ एक ही संवाद बोला है और वह है 'पूरे पचास हजार।' लेकिन हैरान कर देने वाली बात यह है कि इस छोटे से डायलॉग की शूटिंग करने के लिए मैक को मुंबई से बेंगलुरु 27 बार जाना पड़ा था।
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मैक मोहन - फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, इस फिल्म के शुरुआत में उनका किरदार थोड़ा लंबा था, एडिटिंग होने के बाद सिर्फ तीन शब्द ही बचे। मैक ने फिल्म ‘शोले’ को एडिट होने के बाद जब देखा तो वे बहुत निराशा हुए थे। एक इंटरव्यू के दौरान मैक मोहन ने बताया, 'जब मैंने शोले फिल्म देखी तो मैं रोने लगा।  फिल्म खत्म होते ही मैं सीधे निर्देशक रमेश सिप्पी के पास गया और उनसे बोला कि मेरा इतना थोड़ा सा रोल भी क्यों रखा? आप चाहते तो इसे भी हटा ही देते। इसपर उन्होंने कहा कि अगर यह फिल्म हिट हुई तो दुनिया मुझे सांभा के नाम से जानेगी और हुआ भी ऐसा ही।'

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मैक मोहन - फोटो : सोशल मीडिया
मैक मोहन के पिता भारत में ब्रिटिश आर्मी में कर्नल थे।  1940 में उनका ट्रांसफर कराची से लखनऊ हो गया और मैक ने अपनी पढ़ाई यहीं से पूरी की।  उनको बचपन से क्रिकेट का शौक था और वो क्रिकेटर बनना चाहते थे।  उन्होंने उत्तर प्रदेश की क्रिकेट टीम के लिए भी खेला था। 1952 में मुंबई आए। यहां आने के बाद जब उन्होंने रंगमंच देखा तो एक्टिंग में उनकी रुचि बढ़ गई। शबाना आजमी की मां शौकत कैफी को उन दिनों एक नाटक के लिए दुबले-पतले शख्स की जरूरत थी। मैक के किसी दोस्त ने उन्हें इसके बारे में बताया।  उन्हें पैसों की जरूरत थी। वे शौकत के पास नाटक में काम मांगने पहुंच गए और यहीं से उनका एक्टिंग करियर शुरू हुआ। 
 
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मैक मोहन - फोटो : सोशल मीडिया
मैक मोहन ने 'हकीकत' से 1964 में फिल्मी सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने करीब 200 हिंदी फिल्मों में काम किया था। उनके खाते में सुपरहिट फिल्म शोले के अलावा रफू चक्कर, कर्ज, डॉन, खून-पसीना जैसी फिल्में हैं। उन्होंने फिल्मी दुनिया में करीब 46 साल तक काम किया था। सभी फिल्मों में उनके विलेन के किरदार ने फैंस को खूब आकर्षित किया।
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