फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिनेमा की पहली सुपरहिट मां लीला चिटणिस की ये हैं 10 अनसुनी कहानियां

Sun, 14 Jul 2019 07:07 AM IST
Mishra Mishra मुंबई डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 11
Leela Chitnis - फोटो : Social Media
हिंदी सिनेमा की पहली ब्लॉकबस्टर फिल्म कंगन की हीरोइन रहीं लीला चिटणिस फिल्मों में नारीवाद की पहली अलमबरदार भी मानी जाती हैं। मशहूर अभिनेता अशोक कुमार ने भी माना था कि बिना कुछ कहे सिर्फ आंखों से अपनी बात समझा देने का हुनर उन्होंने लीला से ही सीखा। 9 सितंबर 1912 को महाराष्ट्र के धारवाड़ में जन्मी लीला चिटणिस ने आज ही के दिन 2003 में अमेरिका में अंतिम सांस ली। लीला चिटणिस की पुण्यतिथि पर आपको बताते हैं उनकी 10 अनसुनी कहानियां।
विज्ञापन

2 of 11
Leela Chitnis - फोटो : Social Media
सिनेमा की पहली सिंगल मदर
लीला चिटणिस की कम उम्र में ही शादी हो गई और वह बहुत जल्द चार बच्चों की मां भी बन गईं। पति गजानन यशवंत चिटणिस और उनके बीच हमेशा किसी न किसी बात को लेकर विवाद रहता था जिस वजह से उनकी शादी ने लंबा सफर तय नहीं किया और दोनों अलग हो गए। अलग होने के बाद लीला ने अपने बच्चों की परवरिश करने के लिए स्कूल में बतौर अध्यापिका काम करना शुरू कर दिया। उस दौरान वह कई नाटकों में भी काम करने लगीं।
विज्ञापन

3 of 11
Leela Chitnis - फोटो : Social Media
महाराष्ट्र की पहली ग्रेजुएट सोसायटी लेडी
वक्त बदलने वाला था क्योंकि लीला को अपने मेहनत के दम पर ‘सागर मूवीटोन’ फिल्म में एक्स्ट्रा के रूप में काम करने का मौका मिला। फिर उसी कंपनी की दूसरी फिल्म ‘जेंटलमैन डाकू’ में ऐसा किरदार निभाने को मिला जिसमें वह पुरुषों की पोशाक में दिखीं। इसके बाद उन्हें मास्टर विनायक की फिल्म छाया (1936) में दमदार किरदार निभाने का मौका मिला। उन्हें महाराष्ट्र की पहली ग्रेजुएट सोसायटी लेडी का तमगा भी मिला।

4 of 11
Leela Chitnis - फोटो : Social Media
बॉम्बे टॉकीज ने पहचाना लीला का हुनर
इस समय लीला अपने करियर के ऐसे पड़ाव पर थीं कि वो जिस भी चीज को हाथ लगातीं वो सोना हो जाता। ऐसे समय में लीला को बॉम्बे टॉकीज से जुड़ने का मौका मिला। लीला की अदाकारी और कलाकारी से काफी प्रभावित हो कर बॉम्बे टॉकीज ने लीला को उस दौर के सुपरस्टार अशोक कुमार के साथ फिल्म “कंगन” के माध्यम से पर्दे पर उतारा। फिल्म में लीला लीड रोल में थीं। कंगन हिंदी सिनेमा की पहली ब्लॉकबस्टर फिल्म मानी जाती है। दर्शकों में अशोक और लीला की जोड़ी काफी लोकप्रिय हुई। इसके बाद लीला ने कई बेहतरीन फिल्में अशोक कुमार के साथ कीं। 
विज्ञापन

5 of 11
Leela Chitnis - फोटो : Social Media
सिनेमा की पहली सुपरहिट मां
फिल्म शहीद में लीला ने पहली बार मां का किरदार निभाया। इस फिल्म में लीला ने सुपर स्टार दिलीप कुमार की मां का रोल निभाया था। बॉलीवुड में मां के किरदार से लीला ने अपनी अलग ही पहचान बनाई है। हालांकि उस दौर में और भी ऐसी अभिनेत्रियां थीं जो मां का किरदार निभाती थीं पर दर्शकों को अपने अभिनय से बांध रखा था लीला ने क्योंकि लीला प्यार और दुलार से भरपूर मां थीं।
विज्ञापन

6 of 11
Leela Chitnis - फोटो : Social Media
सुपरस्टार्स की पहली पसंद
लीला ने जब फिल्मों में मां बनना शुरू किया तो वो न सिर्फ छोटे-मोटे अभिनेताओं की मां बनीं बल्कि उस जमाने के सुपर स्टार दिलीप कुमार, देवानंद और राजकपुर की भी मां बनने के मामले में पहली पसंद रहीं। लीला ने फिल्म “गाइड” में देवानन्द की मां का किरदार निभाया। राजकपूर की फिल्म “आवारा” और दिलीप कुमार की फिल्म “शहीद” में भी लीला ने ही मां का किरदार निभाया।
विज्ञापन

7 of 11
Leela Chitnis - फोटो : Social Media
जब बेटे को ड्राइवर ने मारा थप्पड़
लीला की मराठी में भाषा में लिखी गयी आत्मकथा -'चंदेरी दुनियेत' बताती है कि उनके ड्राईवर रिबेरो ने उनके बेटे अजित को गुस्से में एक थप्पड़ मार दिया था। दरअसल उन दिनों लीला फिल्म की शूटिंग में काफी व्यस्त रहती थीं। जिस वजह से वो घर पर कम और सेट्स पर ज्यादा होती थीं। बच्चों की देखभाल के लिए लीला ने घर पर कई नौकर रखे थे लेकिन बच्चे नौकरों की एक बात नहीं सुनते थे। एक बार की बात है, ड्राइवर रिबेरो लीला के घर पर ही था तभी उसने देखा कि लीला का बेटा अजीत छत पर चढ़कर बैट निकालने की जिद्द कर रहा था। रिबेरो ने किसी तरह उसे रोकने की कोशिश की लेकिन अजीत नजर बचा कर टेबल पर चढ़ गया। अजीत को किसी तरह की कोई चोट न लगे इसलिए रिबेरो ने अजीत को डांट भी लगाई, यहां तक कि अजीत की मस्ती से परेशान हो कर रिबेरो उसे एक थप्पड़ भी जड़ दिया। 

8 of 11
Leela Chitnis - फोटो : Social Media
अशोक कुमार को दिए एक्टिंग टिप्स
अपने अभिनय से लीला ने न सिर्फ खुद के चाहने वालों का दिल जीता बल्कि उस समय के सुपरस्टार अशोक कुमार को भी काफी प्रभावित किया। फिल्म कंगन की सफलता के बाद अशोक कुमार और लीला ने सामाजिक समस्याओं से जुड़ी कई फिल्मों जैसे आज़ाद (1940), बंधन (1940) और झूला (1941) में साथ काम किया। ये सारी फिल्में सुपरहिट रहीं। अशोक कुमार ने एक इंटरव्यू में लीला का जिक्र चलने पर कहा था कि आंखों से अभिनय कर अपनी बात लोगों तक कैसे पहुंचानी है, ये कला उन्होंने लीला से ही सीखी।

9 of 11
Leela Chitnis - फोटो : Social Media
बच्चों की वजह से छोड़ा करियर
1987 में आई फिल्म “दिल तुझको दिया” में काम करने के बाद लीला ने फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया। फिल्मी दुनिया छोडने के बाद लाइट और कैमरों से दूर लीला अपने बड़े बेटे के साथ अमेरिका में रहीं। अमेरिका जाने के बारे में हुए एक सवाल के जवाब में लीला ने कहा था, “वास्तव में मेरा करियर लंबा हो सकता था लेकिन मेरे बेटों की वजह से मैं यहां आ गई। जानती हूं मेरे इस फैसले से मेरे करियर को नुकसान पहुंचा है लेकिन एक निश्चित उम्र के बाद बच्चे भी मायने रखते हैं।"

10 of 11
Leela Chitnis - फोटो : Social Media
लाइब्रेरी में बैठ लिखी आत्मकथा
कैमरा और लाइट्स से दूरी बना कर अपने बच्चों के साथ रहने के लिए लीला भले ही अमेरिका चली गईं लेकिन वहां भी वो सिर्फ घर पर ही नहीं बैठी रहती थीं। वो रोजाना पास के ही एक सार्वजनिक पुस्तकालय में जातीं और अपनी आत्मकथा 'चंदेरी दुनियेत' किताब पर काम करतीं। यहां लीला के पास काफी समय था क्योंकि उनके घर के सदस्य अपने काम में व्यस्त होते थे। लीला की मराठी भाषा में लिखी आत्मकथा 'चंदेरी दुनियेत' उस दौर के सिनेमा की एक सच्ची झांकी है।
विज्ञापन

11 of 11
Leela Chitnis - फोटो : Social Media
फेमिनिज्म से पहले की फेमिनिस्ट
लीला चिटणिस के देहांत के बाद उनके बड़े बेटे ने कहा था कि उनकी मां फेमिनिज्म (नारीवाद) शब्द के प्रचलित होने के पहले की फेमिनिस्ट (नारीवादी) थीं। उन्होंने उस दौर में फिल्मों में काम करने का फैसला लिया जब महिलाओं के लिए ये किसी पाप से कम नहीं माना जाता था। लेकिन मां ने समाज की चिंता किए बगैर अपने कदम आगे बढ़ाए क्योंकि उनके इरादे और हौसले बुलंद थे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें