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Lalita Pawar: ‘रामायण’ में मंथरा बनने से पहले इन बेहतरीन किरदारों से ललिता पवार ने मचाई हलचल

Sun, 18 Apr 2021 12:18 PM IST
दीपाली श्रीवास्तव अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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ललिता पवार - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
पर्दे पर अपनी एक अलग ही छवि के लिए पहचानी गईं ललिता पवार का जन्म 18 अप्रैल 1916 को नासिक में हुआ। उनका असल नाम अंबा था। ललिता ने बाल कलाकार के तौर पर नौ साल की उम्र में फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' (1928) से अपना करियर शुरू किया था। 1942 में फिल्म 'जंग-ए-आजादी' में मशहूर एक्टर भगवान दादा ने शूटिंग में ललिता को ऐसा जोरदार चांटा मारा कि वह जमीन पर जा गिरीं। उनके शरीर के दाहिने भाग को लकवा भी मार गया।  ललिता को इस हादसे के बाद कभी बतौर हीरोइन काम नहीं मिला और उन्होंने फिल्मों में सास और मां का रोल करना शुरू कर 24 फरवरी 1998 को दुनिया को अलविदा कहने वाली ललिता ने करीब 700 फिल्मों में काम किया। हम आपको आज उनके 10 बेहतरीन किरदारों के बारे में बताते हैं।  
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फिल्म श्री 420 - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म-श्री 420 (1955)
किरदार- गंगा माई

यह फिल्म राजकपूर द्वारा निर्देशित और निर्मित है। फिल्म में नरगिस भी मुख्य किरदार में नजर आईं। फिल्म में ललिता पवार ने गंगा माई का किरदार निभाया था। वह सड़कों पर फल बेचती हैं। फिल्म में एक सीन हैं जहां राजकपूर केले खरीदने के लिए उनके पास पहुंचते हैं। मोल-भाव को लेकर दोनों में बहस होती है। श्री 420 की बात होते ही लोगों को यही सीन याद आ जाता है। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई थी।
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फिल्म मिस्टर एंड मिसेज 55 - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म- मिस्टर एंड मिसेज 55 (1955)
किरदार- सीता देवी

इस फिल्म में ललिता पवार, मधुबाला की आंटी सीता देवी के रोल में हैं। वह अनीता (मधुबाला) को अपने काबू में रखने की कोशिश में रहती हैं। इसके लिए वह प्रीतम (गुरु दत्त) के साथ मिलकर चाल चलती है लेकिन उन्हें पता ही नहीं होता है कि अनीता और प्रीतम पहले से एक दूसरे को जानते हैं। इस फिल्म में ललिता पवार का चालाक किरदार फिल्म में कई दिलचस्प मोड़ लेकर आता है। इस फिल्म में मुख्य अभिनय करने के साथ ही गुरु दत्त ने ही फिल्म का निर्देशन और निर्माण किया था। फिल्म में संगीत ओपी नय्यर ने दिया है।

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फिल्म अनाड़ी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म- अनाड़ी(1959)
किरदार- मिसेज डीसा

यह फिल्म उस साल की सुपरहिट फिल्मों में शुमार है। फिल्म में ललिता पवार ने मिसेज डीसा का किरदार अदा किया था। यह किरदार आज तक लोगों को याद है। अपनी अदाकारी से वह जिस तरह से दिग्गज अभिनेता राज कपूर के साथ अभिनय करती हैं और अपनी तीखी बातों से नूतन का दिल दुखाती हैं, वह देखते ही बनता है।  फिल्म का निर्देशन ऋषिकेश मुखर्जी ने किया था। 16 जनवरी 1959 में रिलीज हुई इस फिल्म का निर्माण एल. बी. लछमन ने किया तो वहीं फिल्म में संगीत शंकर जयकिशन ने दिया।
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ललिता पवार - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म- सुजाता (1959)
किरदार- गिरीबाला

सुजाता निर्देशक बिमल रॉय की फिल्म है। फिल्म में सुनील दत्त और नूतन मुख्या किरदारों में हैं। वहीं सलोचना, ललिता पवार और शशिकला ने सहायक भूमिका निभाई है। यह फिल्म एक बंगाली लघु कहानी के ऊपर आधारित है। यह फिल्म देश में व्याप्त जाति व्यवस्था पर तंज कसती है। फिल्म में जहां सुनील दत्त को एक ब्राह्मण परिवार से दिखाया गया है तो वहीं नूतन को अछूत जाति का दिखाया गया है। दोनों एक दूसरे से प्यार करने लग जाते हैं जिससे दोनों की जिंदगी में मानो भूचाल आ जाता है।
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फिल्म हम दोनों - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म- हम दोनों (1961)
किरदार- मेजर की मां

देव आनंद अभिनीत इस फिल्म में वह डबल रोल में हैं, एक तरफ उन्होंने मेजर मनोहर लाल वर्मा का किरदार अदा किया है तो वहीं दूसरी तरफ कैप्टन आनंद का किरदार निभाया है। ललिता पवार मेजर मनोहर लाल वर्मा की मां के किरदार में हैं। यह फिल्म द्वितीय विश्व युद्ध के समय की है। फिल्म में संध्या और नंदा भी मुख्य रोल में हैं। फिल्म का निर्देशन अमरजीत और विजय आनंद ने किया है। वहीं देव आनंद ने यह फिल्म प्रोड्यूस की। फिल्म का संगीत जयदेव ने दिया था।
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फिल्म जंगली - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
जंगली (1961)
किरदार- चंद्रशेखर की मां

इस फिल्म में ललिता पवार, चंद्रशेखर बने शम्मी कपूर की मां के रोल में हैं। वह एक सख्त रवैया रखती हैं। अमीर घराने के होने के नाते वह चाहती हैं कि उनके दोनों बच्चे चंद्रशेखर और माला (शशिकला) अपने जैसे ही ऊंचे घराने में शादी करें। लेकिन माला को जीवन (अनूप कुमार) से प्यार हो जाता है जो उनकी कंपनी में काम करते हैं। वहीं चंद्रशेखर भी एक ड्राइवर की बेटी राजकुमारी (सायरा बानो) से दिल लगा बैठता है। हालांकि सभी के दिलों में ललिता पवार का डर बैठा होता है और फिर सभी उनका मन बदलने की कोशिश करते हैं। इस फिल्म का निर्देशन सुबोध मुखर्जी ने किया है।  

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फिल्म प्रोफेसर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म- प्रोफेसर (1962)
किरदार- सीता देवी वर्मा

ललिता पवार ने इस फिल्म में सीता देवी वर्मा का किरदार अदा किया है जो दार्जिलिंग में रहती हैं। वह दो युवतियों नीना (कल्पना) और रीता (प्रवीण चौधरी) और दो स्कूल के बच्चों बंटी और मु्न्ना की परवरिश करती हैं। वह बहुत ही सख्त महिला होती हैं लेकिन चारों उनको तंग करने और उनके पीठ पीछे कारनामें करने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। वह बच्चों के लिए एक बुजुर्ग अध्यापक की खोज में होती हैं। पैसों की जरूरत के चलते शम्मी कपूर बुजुर्ग के गेटअप में पहुंच जाते हैं। फिल्म का निर्देशन लेख टंडन ने किया था।

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ललिता पवार - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म- खानदान (1966)
किरदार- भगवंती जे. लाल

ए. भीमसिंह निर्देशित इस फिल्म में सुनील दत्त, नूतन, प्राण, ओम प्रकाश, ललिता पवार, हेलन और मुमताज मुख्य किरदारों में थें। फिल्म का संगीत रवि द्वारा दिया गया। फिल्म में ललिता पवार ने ओम प्रकाश की पत्नी का किरदार निभाया है। दोनों को फिल्म में संतान सुख की प्राप्ति नहीं होती है। धीरे धीरे जीवन (ओम प्रकाश) की अपने भाई शंकर (मनमोहन कृष्णा) से बननी कम हो जाती है और परिवार में फूट पड़ने लगता है। इसके बाद फिल्म में आगे परिस्थितियां बदलती है और कहानी में कई रोचक मोड़ आते हैं।

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फिल्म फूल और पत्थर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म- फूल और पत्थर (1966)
किरदार- श्रीमती जीवन राम

इस फिल्म का निर्देशन और निर्माण ओ.पी. रलहन ने किया था। फिल्म में मीना कुमारी, धर्मेंद्र, शशिकला और ओ. पी. रलहन मुख्य किरदारों में नजर आए। वहीं ललिता पवार ने फिल्म में श्रीमती जीवन राम का किरदार अदा किया वहीं। इस फिल्म के जरिए धर्मेंद्र रातों रात स्टार बन गए। इस फिल्म ने साल 1966 में रिलीज हुई दूसरी फिल्मों की तुलना में सबसे अधिक कमाई की थी। इस फिल्म के जरिए ही धर्मेंद्र को ही मेन का खिताब मिला था।
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मंथरा के किरदार में ललिता पवार - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
टीवी शो- रामायण (1988)
किरदार- मंथरा

रामानंद सागर की रामायण में ललिता पवार द्वारा निभाया गया मंथरा का किरदार आखिर कौन भूल सकता है। यह ललिता पवार का पहला टीवी शो था और अपने पहले ही टीवी शो में उन्होंने काफी शोहरत बटोरी। शो में वह जिस तरह से केकई के काम भरती हैं उसे देखकर सच में लोग उनसे चिढ़ने लगते हैं। आज भी जब रामायण की चर्चा हो रही है उस समय में ललिता पवार का नाम सामने आता है।
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