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फिल्म में अमिताभ बच्चन तो अपने फुलटू मूड में नजर आए हैं, जीनत अमान अपने करियर में इतनी नमकीन या तो यहां या फिर वहां हुई हैं जहां अमिताभ बच्चन फिल्म पुकार में गाना गाते हैं, समंदर में नहाके और भी नमकीन हो गई हो। लेकिन, आपको शायद पता न हो कि जीनत अमान इस फिल्म की सेकंड च्वाइस हीरोइन रहीं। फिल्म में हीरोइन तो पहले प्रकाश मेहरा ने अमिताभ बच्चन की सिफारिश पर परवीन बाबी को ही लिया था, लेकिन परवीन बाबी का ये वो दौर था जब वह कुछ भी, कहीं भी, किसी के भी सामने बोल देती थीं। उनकी इस बिगड़ती मानसिक दशा और दिशा को देखते हुए अमिताभ बच्चन ने फिल्म लावारिस का पहला शेड्यूल परवीन बाबी के साथ शूट हो जाने के बावजूद जीनत अमान को इस फिल्म के लिए साइन करा दिया। प्रकाश मेहरा ने कभी इसकी कोई शिकायत नहीं की क्योंकि जो केमिस्ट्री अमिताभ बच्चन और जीनत की फिल्म के गाने, कब के बिछड़े हुए हम आज कहां आके मिले, में दिखाई है, वह इससे पहले अमिताभ और रेखा के बीच ही दिखी थी या तो फिल्म सुहाग में या फिर उसके पहले मिस्टर नटवरलाल में।
फिल्म में अमिताभ बच्चन की मां बनी राखी के भी अजीब किस्से हैं शूटिंग के। फिल्म में एक सीन फिल्माया जाना था अमजद खान और राखी के बीच। डायरेक्टर प्रकाश मेहरा सब लाइटिंग वाइटिंग करके लोकेशन पर रेडी टू टेक बैठे हैं लेकिन राखी हैं कि उनका पता ही नहीं। प्रोडक्शन मैनेजर फोन पर फोन किए जा रहा है और राखी के घर में जो फोन उठा रहा है वो उनसे बात तक नहीं करा रहा। प्रकाश मेहरा का माथा होते होते गरम हो गया। अमजद खान उन दिनों बिजी सितारे थे और बड़ी मुश्किल से उनकी डेट मिली थी। प्रकाश मेहरा ने कहा कि लास्ट फोन मिलाओ, मेरी बात कराओ और इस बार बात न हो तो आज का पैकअप। कल यही सीन किसी दूसरी हीरोइन के साथ करते हैं। प्रकाश मेहरा बोल तो गए पर उनके दिल को धक से ये भी हुआ कि राखी न आईं तो फिर अमिताभ बच्चन की मां का रोल करेगा कौन? क्योंकि खुद राखी तमाम मिन्नतों के बाद इस रोल के लिए तैयार हुई थी और वह भी इसलिए कि अमिताभ बच्चन का वह फिल्म कभी कभी दिलाने के लिए एहसान मानती थीं। खैर, फोन मिलाया गया। राखी के घर की घंटी बजी। और इत्तेफाकन खुद राखी ने फोन उठाया। प्रकाश मेहरा की वह आवाज पहचान गईं, छूटते ही बोलीं, बेबी की तबीयत खराब थी सुबह से तो फोन पर न आ सकी। बस अभी शूटिंग पर पहुंचती हूं। प्रकाश मेहरा ने लंबी सांस ली और बात आगे बढ़ी।