इस साल कोरोना वायरस की वजह से ज्यादातर फिल्म महोत्सवों को या तो आगे बढ़ा दिया गया, या फिर ऑनलाइन इनका समापन हुआ। इन्हीं ऑनलाइन पूरे किए गए फिल्म महोत्सवों में एक रहा द इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ सिनसिनाटी। फीचर फिल्मों, शॉर्ट फिल्मों और डॉक्यूमेंट्रीज प्रदर्शित करके उन्हें पुरस्कृत करने वाले इस समारोह में इस बार सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार कुमुद चौधरी के निर्देशन में बनी फिल्म 'छोटे नवाब' को दिया गया है। कुमुद की एक निर्देशक के रूप में यह पहली ही फिल्म है।
फिल्म 'छोटे नवाब' की कहानी 13 साल के एक लड़के जुनैद की है जो ब्रिटेन में रहता है। एक बार एक शादी के मौके पर उसे अपने देश वापस लौटने का मौका मिलता है। यहां लखनऊ में उसके पुरखों की एक नवाबी हवेली होती है जहां यह शादी समारोह चल रहा है। जुनैद को शादी के दौरान ही अपनी परंपराएं पता चलती हैं और वह यहां दिल भी लगा बैठता है। और फिर उसका दिल टूट भी जाता है। यह सभी बातें जुनैद पर काफी गहरा असर छोड़ती हैं। कुछ घटनाओं के बाद जुनैद यहां पितृसत्तात्मक व्यवस्था के बारे में भी समझता है। तब उसके दिमाग में बहुत से सवाल उपजते हैं।