मराठी और हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकार नीलू फुले की बायोपिक पर काम शुरू हो गया है। नीलू फुले ने अपने करियर की शुरुआत एक मराठी लोक नाटक कथा 'अकलेच्या कांद्याची' से की थी और अकेले इस नाटक के दो हजार से ज्यादा शोज हुए। नाटक इतना हिट हुआ तो उन्हें फिल्मों से भी बुलावा आते देर नहीं लगी। साल 1968 में नीलू फुले की अदाकारी दम बड़े पदे पर फिल्म 'एक गाव बारा भानगडी की' में दिखा। और, बस देखते ही देखते नीलू फूले मराठी सिनेमा के सुपरस्टार बन गए। नीलू फुले ने फिल्म 'कुली' में अमिताभ बच्चन के साथ, ‘मशाल’ में दिलीप कुमार के साथ और फिल्म 'सारांश' में अनुपम खेर के साथ हिंदी सिनेमा में भी काम किया है।