हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री और पार्श्व गायिका इला अरुण आज अपना जन्मदिन मना रही हैं। जोधपुर, राजस्थान में जन्मीं इला अरुण ने बॉलीवुड में बड़ा नाम कमाया। राजस्थान में जन्मीं और मुंबई में शोहरत-पैसा कमाने वाली इला का यूपी से गहरा नाता है। इला की ससुराल कानपुर में है जब कि उनका ननिहाल कानपुर-लखनऊ के बीच बसे उन्नाव जिले में है। आज उनके जन्मदिन के मौके पर पढ़िए उनके जीवन के 10 दिलचस्प किस्से....
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इला अरुण
- फोटो : BBC
इला अरुण ने नॉर्वे के सबसे ज्यादा लोकप्रिय नाटककार 'हेनरिक इस्बेन' के नाटकों को न सिर्फ हिंदी में रूपांतरण किया है बल्कि देश-विदेश में इनका सफलतापूर्वक मंचन भी किया है। इला अरुण को नॉर्वे की संस्कृति को भारत में प्रचारित-प्रसारित करने के लिए वहां की सरकार ने उन्हें 'द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट नाइट फर्स्ट क्लास अवार्ड' से सम्मानित किया है।
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इला अरुण
- फोटो : BBC
पिछले 40 सालों से हिंदी सिनेमा में सक्रिय इला अरुण की बेटी इशिता भी एक अभिनेत्री रही हैं। इला ने हिंदी में कई फिल्मी गीत गाए हैं और तमिल और तेलुगु जैसी दक्षिण भारतीय भाषाओं के लिए भी काम किया। माधुरी दीक्षित अभिनीत फिल्म खलनायक के लिए अलका याग्निक के साथ गाया गया उनका अब तक का सबसे प्रसिद्ध फिल्मी गीत 'चोली के पीछे क्या है ' के लिए उन्होंने सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका का फिल्मफेयर पुरस्कार जीता।
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इला अरुण
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एक और गीत जो इला अरुण की वजह से लोकप्रिय हुआ वो था करण-अर्जुन फिल्म का 'गुप चुप'। इस फिल्म के बाद इला एक मशहूर गायिका के रूप में मशहूर हो गईं।
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इला अरुण ने कहा कि ओल्ड गौथिक थियेटर में म्यूजिकल फोक शो करना उनकी पहली प्राथमिकता है।
- फोटो : अमर उजाला
इला, अभिनेत्री श्रीदेवी द्वारा अभिनीत फिल्म 'लम्हें' में लता मंगेशकर के साथ अपने गीत "मोरनी बगा मा बोले" के लिए भी जानी जाती हैं। उन्होंने एआर रहमान द्वारा रचित फिल्म रोमियो के तमिल गीत "मुथु मुथु मझाई" को अपनी आवाज दी है।
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इला अरुण
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इला अरुण का एक और गीत बहुत लोकप्रिय हुआ जो उन्होंने रहमान के साथ गया था। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के गीत "रिंगा रिंगा" के लिए उन्हें कई अवॉर्ड भी मिले।
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Ila Arun
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इला अपनी सफलता का श्रेय जयपुर के किशनपोल बाजार में स्थित अपने स्कूल 'महाराजा गल्र्स सीनियर सेकेंडरी' स्कूल को देती हैं, जहां से उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण मिला। इला के शब्दों में राजस्थान में शाही परिवार ने लगभग 150 साल पहले लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए यह स्कूल खोला था।
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Ila Arun
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उनके अभिनय का आयाम सबसे पहली बार चिकित्सकों की जिंदगी पर आधारित दूरदर्शन के धारावाहिक 'जीवनरेखा' में दिखाई दिया था, जिसमें उनके साथ दिग्गज अभिनेत्री तन्वी आजमी भी थीं। लेकिन फिल्म 'जोधा अकबर' में महामंगा के किरदार को शानदार ढंग से निभा कर उन्होंने साबित कर दिया कि वह केवल एक गायिका ही नहीं, बल्कि एक आला दर्जे की अभिनेत्री भी हैं। उन्होंने इससे अपने अभिनय कौशल को भी एक अलग पहचान दी।
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Ila Arun
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इसके अलावा इला ने 'चाइना गेट', 'चिंगारी', 'वेलकम टु सज्जनपुर', 'वेस्ट इज वेस्ट' और 'घातक' समेत आलोचकों द्वारा सराही गई कई अन्य फिल्मों में भी अपने अभिनय की छाप छोड़ी। इला ने सोनी एंटरटेनमेंट चैनल के कार्यक्रम 'फेम गुरुकुल' में संगीत स्कूल की निर्णायक की भूमिका निभाई थी। इस गायन कार्यक्रम में प्रतिभागियों को गायन का प्रशिक्षण दिया गया था।
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Ila Arun
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इला अरुण ने ने कई बेहद सफल एकल गीत भी गाए हैं। उनके गीत 'वोट फॉर घाघरा' को बेशुमार सफलता मिली और इसकी एक लाख से भी अधिक प्रतियां बिकीं। उनके गीतों 'मैं हो गई सवा लाख की', 'मेरा अस्सी कली का घाघरा', 'रेशम का रूमाल' आदि ने भी काफी धूम मचाई।
इसके अलावा आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की टीम के प्रचार के लिए इला का गाया गीत 'हल्ला बोल' भी बेहद लोकप्रिय हुआ था। इला का दिल अपनी जन्मभूमि जयपुर के साथ ही नाट्य मंच 'रविंद्र मंच' से भी जुड़ा है। इला मानती हैं कि रविंद्र मंच के दिग्गज कलाकारों से उन्हें अभिनय की बारीकियां सीखने का मौका मिला।